भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
भोपाल। मध्य प्रदेश में ‘चीता पुनर्स्थापना अभियान’ को एक और बड़ा विस्तार मिलने जा रहा है। कूनो नेशनल पार्क और गांधीसागर अभयारण्य के बाद अब वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व प्रदेश में चीतों का तीसरा ठिकाना बनने जा रहा है। वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के समापन अवसर पर 7 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दो चीतों को विशेष बाड़े में रिहा करेंगे।
439 हेक्टेयर में तैयार किया गया विशेष बाड़ा
चीतों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 439 हेक्टेयर क्षेत्र में विशेष बाड़ा तैयार किया गया है। यहां चीतों की सुरक्षा और निगरानी के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं भी विकसित की गई हैं।
चीतों के नए ठिकाने पर पहुंचने से बुंदेलखंड क्षेत्र की जैव विविधता को मजबूती मिलने के साथ-साथ सागर और आसपास के क्षेत्रों में वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
देश में चीतों की संख्या 60
भारत में ‘प्रोजेक्ट चीता’ की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए गए चीतों को छोड़कर इस ऐतिहासिक अभियान की शुरुआत की थी।
हाल ही में 5 अक्टूबर को कूनो नेशनल पार्क में एक मादा चीता ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। इसके बाद देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 60 हो गई है। इनमें 41 चीते भारत में जन्मे हैं।
कूनो नेशनल पार्क में अब चीतों की संख्या 54 हो गई है। प्रोजेक्ट चीता के तहत चीतों को नए क्षेत्रों में बसाने की प्रक्रिया भी लगातार आगे बढ़ाई जा रही है।
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में दो चीतों की रिहाई को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे मध्य प्रदेश में चीता संरक्षण के दायरे का विस्तार होने के साथ बुंदेलखंड को वन्यजीव पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।




