संविधान दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू ने जारी किया 9 भाषाओं में संविधान का अनुवादित संस्करण
नई दिल्ली। संविधान दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित पुराने संसद भवन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान एक ऐतिहासिक पहल की गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संविधान के 9 भाषाओं में अनुवादित संस्करण जारी किए।
जिन भाषाओं में संविधान के ट्रांसलेटेड वर्जन जारी किए गए, उनमें शामिल हैं—
मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया।
इस कदम का उद्देश्य संविधान को देश के विविध भाषाई समुदायों तक और अधिक सुलभ बनाना है, ताकि नागरिक अपनी मातृभाषा में संवैधानिक अधिकारों व कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
संविधान दिवस: राष्ट्रपति मुर्मू ने पढ़ा प्रीएम्बल, तीन तलाक पर रोक को बताया ऐतिहासिक कदम
नई दिल्ली। संविधान दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संविधान का प्रीऐम्बल (उद्देशिका) पढ़कर समारोह की शुरुआत की। उन्होंने संविधान सभा द्वारा 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत किए गए इस संकल्प को राष्ट्र की आत्मा बताते हुए कहा कि—
“हम भारत के लोग… भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।”
राष्ट्रपति ने सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विश्वास व उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समानता के मूल्यों को दोहराते हुए कहा कि संविधान देश की एकता, अखंडता और बंधुता को सुदृढ़ करता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने तीन तलाक जैसी कुरीति पर रोक लगाने के फैसले को संसद का ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय ने देश की बहनों-बेटियों को न्याय दिलाया है और भारत विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में एक मिसाल बनकर खड़ा है।
अंत में राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि “विकसित भारत का संकल्प जरूर पूरा होगा”, और इसके लिए देश समर्पित भावना के साथ आगे बढ़ रहा है।