नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सीबीआई द्वारा पेश किए गए सबूत कमजोर और अपर्याप्त हैं तथा बिना ठोस साक्ष्य आरोप सिद्ध नहीं किए जा सकते। इससे पहले आबकारी विभाग के पूर्व कमिश्नर कुलदीप सिंह को भी राहत मिल चुकी थी।
फैसले के बाद भावुक हुए केजरीवाल
फैसले के बाद कोर्ट परिसर के बाहर मीडिया से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि लगातार उन्हें और उनकी पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की गई, लेकिन “सत्य की जीत हुई।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र था, जिसमें आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं को जेल भेजा गया।
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि देश की समस्याओं पर ध्यान दिया जाए और सकारात्मक काम के आधार पर जनता का विश्वास जीता जाए।
जांच एजेंसियां हाईकोर्ट जाएंगी
वहीं, सीबीआई ने संकेत दिया है कि वह इस फैसले से संतुष्ट नहीं है और आदेश का विस्तृत अध्ययन करने के बाद उच्च न्यायालय में चुनौती दे सकती है।
क्या है मामला?
दिल्ली की नई आबकारी नीति को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोप में ED और CBI ने केस दर्ज किया था। ईडी ने 21 मार्च 2024 को केजरीवाल को गिरफ्तार किया था, जबकि बाद में CBI ने भी उन्हें हिरासत में लिया। इस मामले में कुल 23 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
केजरीवाल और सिसोदिया को पहले जमानत मिल चुकी थी और अब कोर्ट के ताजा फैसले में दोनों को बरी कर दिया गया है। इसे आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी कानूनी और राजनीतिक राहत माना जा रहा है।



