Infosys 2026 Recruitment:देश की अग्रणी आईटी कंपनियों में से एक इंफोसिस ने फ्रेशर्स के लिए एंट्री-लेवल सैलरी में बड़ा बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी अब स्पेशलाइज्ड टेक्नोलॉजी रोल्स के लिए फ्रेशर्स को सालाना 7 लाख से लेकर 21 लाख रुपये तक का पैकेज ऑफर कर रही है। यह भारतीय आईटी सेक्टर में फ्रेशर्स को मिलने वाली सबसे उच्च सैलरी में से एक मानी जा रही है।
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, इंफोसिस 2025 में ग्रेजुएट होने वाले छात्रों के लिए ऑफ-कैंपस हायरिंग ड्राइव की तैयारी कर रही है। अगले साल कंपनी लगभग 21 हजार फ्रेशर्स की भर्ती करेगी।
कंपनी के इस कदम से भारतीय आईटी उद्योग में फ्रेशर्स के लिए नौकरी के अवसरों और सैलरी पैकेज दोनों में वृद्धि की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उच्च गुणवत्ता वाले टेक्नोलॉजी टैलेंट को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
देश की बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस ने फ्रेशर्स के लिए साल 2026 की भर्ती में सैलरी स्ट्रक्चर का खुलासा किया है। कंपनी ने एंट्री-लेवल रोल्स के लिए सैलरी को चार अलग-अलग स्लैब में बांटा है। यह हायरिंग मुख्य रूप से ‘स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर’ और ‘डिजिटल स्पेशलिस्ट इंजीनियर’ पदों के लिए हो रही है।
सैलरी स्ट्रक्चर (रोल के अनुसार)
स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर L3 (ट्रेनी): सालाना 21 लाख रुपये
स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर L2: सालाना 16 लाख रुपये
स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर L1: सालाना 11 लाख रुपये
डिजिटल स्पेशलिस्ट इंजीनियर (ट्रेनी): सालाना 7 लाख रुपये
कंपनी के इस कदम से फ्रेशर्स को उच्च पैकेज वाले टेक्नोलॉजी रोल्स में अवसर मिलेंगे और भारतीय आईटी सेक्टर में फ्रेशर्स की सैलरी मानकों में नई ऊँचाई तय होगी।
कौन कर सकता है अप्लाई?
इन रोल्स के लिए निम्नलिखित डिग्री धारक छात्र आवेदन कर सकते हैं:
BE / BTech / ME / MTech / MCA / Integrated MSc
मुख्य रूप से कंप्यूटर साइंस, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT), इलेक्ट्रॉनिक्स (ECE/EEE) ब्रांच के छात्रों को मौका दिया जा रहा है।
AI-फर्स्ट स्ट्रैटेजी के तहत बढ़ी सैलरी
इंफोसिस ग्रुप के CHRO शाजी मैथ्यू ने बताया कि पैकेज बढ़ाने के पीछे कंपनी की ‘AI-फर्स्ट स्ट्रैटेजी’ है। उन्होंने कहा:
“हम कैंपस और ऑफ-कैंपस दोनों तरह से शुरुआती करियर हायरिंग कर रहे हैं। हमने स्पेशलिस्ट प्रोग्रामर ट्रैक में अवसर बढ़ाए हैं, जहां पैकेज 21 लाख रुपये तक जाता है।”
कंपनी को नई टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करने के लिए स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जरूरत है। इस पहल से फ्रेशर्स को भारत में सबसे आकर्षक पैकेज वाले टेक्नोलॉजी रोल्स में शामिल होने का मौका मिलेगा।
10 साल में CEOs की सैलरी में 835% की उछाल, फ्रेशर्स को मिली सिर्फ 45% बढ़ोतरी
नई दिल्ली: इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए शुरुआती सैलरी लंबे समय से चिंता का विषय रही है। हाल ही में किए गए एक एनालिसिस में पता चला है कि वित्त वर्ष 2012 से 2022 के बीच आईटी कंपनियों के CEOs की मीडियन सैलरी में जबरदस्त वृद्धि हुई है।
इस अवधि में CEOs की सैलरी 835% बढ़कर 3.37 करोड़ रुपये से बढ़कर 31.5 करोड़ रुपये हो गई।
वहीं, फ्रेशर्स की सैलरी में काफी कम बढ़ोतरी देखने को मिली। फ्रेशर्स की सैलरी सिर्फ 45% बढ़कर 2.45 लाख रुपये से 3.55 लाख रुपये तक पहुंची।
विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती सैलरी में इतनी धीमी बढ़ोतरी ने नए इंजीनियरों में निराशा बढ़ाई है। हालांकि, हाल ही में इंफोसिस ने फ्रेशर्स के लिए नया सैलरी पैकेज पेश किया है, जिसे बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
आईटी इंडस्ट्री में वेतन असमानता के इस आंकड़े ने फिर से चर्चा छेड़ दी है कि किस तरह बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों और नए कर्मचारियों के बीच वेतन में खाई बढ़ती जा रही है।
इंफोसिस का फ्रेशर्स हायरिंग में जबरदस्त जोर, सालाना टारगेट 21,000
बेंगलुरु: जहां कई टेक कंपनियों में छंटनी की खबरें आ रही हैं, वहीं इंफोसिस ने हायरिंग की रफ्तार तेज कर दी है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में 12,000 फ्रेशर्स को नौकरी दी है और इस साल का कुल टारगेट 21,000 नए फ्रेशर्स को हायर करना रखा है।
कंपनी के CFO जयेश संघराजका के अनुसार, इंफोसिस ने लगातार पांचवीं तिमाही में अपनी वर्कफोर्स बढ़ाई है। दूसरी तिमाही (Q2) में कंपनी ने 8,203 नए कर्मचारी जोड़े, जिससे कुल कर्मचारियों की संख्या 3,31,991 तक पहुंच गई है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम इंफोसिस के बढ़ते बिजनेस और टेक्नोलॉजी सेवाओं में मांग को देखते हुए लिया गया है। कंपनी का यह प्रयास न सिर्फ नई प्रतिभाओं को अवसर देने के लिए है, बल्कि टेक सेक्टर में अपने नेतृत्व को मजबूत करने के लिए भी है।



