नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र जारी है और इस बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में कथित हंगामे को लेकर सियासत गरमा गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के 20 से 25 सांसद स्पीकर के चैंबर में घुस गए और वहां अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौच की।
रिजिजू ने कहा कि यह आचरण संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए रिजिजू ने कहा, “मैं उनको कुछ नहीं सिखा सकता। मुझे समझ नहीं आता कि वह किस दुनिया में रहते हैं। कौन सी आइडियोलॉजी उनके कामों को चलाती है?” उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को राहुल गांधी को संसदीय आचरण और जिम्मेदारी के बारे में समझाना चाहिए।
हालांकि, इस मामले पर कांग्रेस की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बजट सत्र के दौरान बढ़ते टकराव ने संसद की कार्यवाही और राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया है।
रिजिजू ने कहा, “कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसद लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुस गए और उन्हें गालियां दीं। मैं भी वहीं मौजूद था।” उन्होंने इसे संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस तरह का आचरण लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।
उन्होंने आगे कहा, “स्पीकर बहुत नरम इंसान हैं, नहीं तो सख्त कार्रवाई होती।” रिजिजू के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है। बजट सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव ने संसद का माहौल और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।
रिजिजू ने कहा, “कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्यों को उन्हें (राहुल गांधी) समझाना चाहिए कि यहां बच्चों जैसा बर्ताव नहीं करना चाहिए। हमारा देश बहुत बड़ा है और सुरक्षा एक अहम मुद्दा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी चैंबर के अंदर मौजूद थे और वे माहौल को और भड़काने का काम कर रहे थे।
उन्होंने कहा, “हमारी सुरक्षा को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना और किसी की इज्जत को कम आंकना सही नहीं है।” रिजिजू ने इसे संसदीय गरिमा के खिलाफ बताते हुए सख्त शब्दों में निंदा की।
इस बीच लोकसभा से निलंबित किए गए विपक्ष के 8 सांसदों का निलंबन वापस नहीं लिया जाएगा। गौरतलब है कि 3 फरवरी को कांग्रेस के 7 और सीपीएम के एक सांसद को सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में निलंबित किया गया था। अब यह भी संकेत मिले हैं कि स्पीकर के चैंबर में हंगामा करने वाले अन्य सांसदों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
संसद के बजट सत्र के बीच बढ़ते टकराव ने सत्ता और विपक्ष के बीच रिश्तों को और तल्ख बना दिया है।
रिजिजू ने कहा, “जैसा कि मैंने कहा, स्पीकर इस वाकये से बहुत दुखी हैं। मैंने उनसे बात भी की है। कांग्रेस सांसद स्पीकर के चैंबर में गए, उन्हें गालियां दीं और अपमानजनक बातें कहीं।” उन्होंने आरोप लगाया कि स्पीकर द्वारा दी गई रूलिंग का भी पालन नहीं किया गया।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए रिजिजू ने कहा कि उन्होंने कहा है कि उन्हें बोलने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है और वे अपनी मर्जी से बोलेंगे। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया, “जब तक चेयर से परमिशन नहीं मिलती, कोई सदस्य सदन में नहीं बोल सकता। यहां तक कि प्रधानमंत्री भी चेयर की अनुमति से ही बोलते हैं। हर किसी को नियमों का पालन करना पड़ता है।”
रिजिजू ने कहा कि संसद नियमों और परंपराओं से चलती है, न कि व्यक्तिगत इच्छा से। इस बयान के बाद सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो गया है।



