भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
भारतीय लोककला और संस्कृति जगत के लिए बेहद दुखद खबर है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई का निधन हो गया। उनके निधन से लोककला जगत में शोक की लहर है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शोक संदेश जारी करते हुए लिखा, “प्रख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। मैं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला, ओजस्वी प्रस्तुति और लोक परंपराओं के संरक्षण के माध्यम से न केवल भारतीय संस्कृति का गौरव बढ़ाया, बल्कि पंडवानी गायन को विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि कला जगत में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
सीएम ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों और उनके करोड़ों प्रशंसकों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की कामना की।
छत्तीसगढ़ के एक साधारण परिवार में 24 अप्रैल 1956 को जन्मी डॉ. तीजन बाई ने बचपन से ही महाभारत पर आधारित पंडवानी गायन की शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने पुरुष प्रधान मानी जाने वाली कापालिक शैली में प्रस्तुति देकर इस लोककला को नई पहचान दिलाई और देश-विदेश में भारतीय लोक संस्कृति का परचम लहराया।
भारतीय लोक संस्कृति में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री (1988), पद्म भूषण (2003) और पद्म विभूषण (2019) सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया था। उनके निधन को भारतीय लोककला के एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।



