भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर करवट ली है। पिछले कुछ दिनों से पूर्वी हिस्सों में सक्रिय रहने के बाद अब बारिश का सिस्टम प्रदेश के उत्तरी, पश्चिमी और मध्य इलाकों की ओर बढ़ रहा है। मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक प्रदेश में अब तक औसतन 25.5 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश के कोटे का करीब 68 प्रतिशत है। हालांकि प्रदेश में अभी भी सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
40 जिलों में बारिश सामान्य से कम
बारिश के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 40 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं 15 जिले ऐसे हैं, जहां औसत से ज्यादा पानी बरस चुका है। कम बारिश वाले इलाकों में जलस्तर और खेती पर असर पड़ने की चिंता बनी हुई है।
अगले 48 घंटे कई संभागों में तेज बारिश
IMD भोपाल के अनुसार अगले दो दिनों में भोपाल, उज्जैन, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के कई जिलों में बारिश का जोर बढ़ सकता है। बुधवार को भिंड, दतिया और सागर में अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, दमोह, मैहर और सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई इंच से ज्यादा बारिश होने की संभावना जताई गई है।
भारी बारिश से जलभराव का खतरा
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले जिलों में जलभराव और सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है। वहीं जिन क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम हुई है, वहां जलस्रोतों और फसलों पर इसका असर पड़ सकता है। लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।



