भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
इंदौर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली EVM-VVPAT प्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। इंदौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने वर्तमान राम मंदिर ट्रस्ट को भंग कर इसकी जिम्मेदारी ‘रामालय ट्रस्ट’ को सौंपने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव बैलेट पेपर से कराने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया की समीक्षा करने की बात भी कही।
राम मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था पर उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने श्रीराम मंदिर के लिए मिले चंदे, निर्माण कार्यों पर हुए खर्च और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने जमीन के सौदों और बिलों में कथित गड़बड़ियों से जुड़ी शिकायतों का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उनके अनुसार, मंदिर से जुड़े वित्तीय मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
‘रामालय ट्रस्ट’ को जिम्मेदारी सौंपने की मांग
दिग्विजय सिंह ने मांग की कि मौजूदा राम जन्मभूमि ट्रस्ट को भंग कर मंदिर के संचालन की जिम्मेदारी ‘रामालय ट्रस्ट’ को दी जाए। उन्होंने इस व्यवस्था में शंकराचार्यों, निर्मोही अखाड़े और अन्य धार्मिक प्रतिनिधियों की भागीदारी की बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर ट्रस्ट में राजनीतिक रूप से जुड़े लोगों को पद नहीं दिए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, मंदिर की व्यवस्था में धार्मिक प्रतिनिधियों की भूमिका और पारदर्शिता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
EVM-VVPAT व्यवस्था में बदलाव की मांग
चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता ने EVM के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने VVPAT पर्चियों को लेकर सुझाव दिया कि मतदाता को पर्ची दी जाए, जिसे वह स्वयं बैलेट बॉक्स में डाल सके।
इसके अलावा, उन्होंने EVM के सॉफ्टवेयर को सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं का भरोसा सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है।
SIR प्रक्रिया पर भी जताई चिंता
दिग्विजय सिंह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पुराने दस्तावेजों की मांग और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया की गंभीर समीक्षा करने की जरूरत बताई।
उनका कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा और प्रक्रिया की पारदर्शिता का ध्यान रखा जाना चाहिए।
मंदिर प्रबंधन से लेकर चुनाव सुधार तक उठाए मुद्दे
इंदौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिग्विजय सिंह ने धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन, वित्तीय पारदर्शिता और चुनावी व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए। उनकी मांगों में राम मंदिर ट्रस्ट की संरचना में बदलाव, EVM-VVPAT प्रणाली की समीक्षा और SIR प्रक्रिया पर पुनर्विचार शामिल हैं। इन मुद्दों पर संबंधित संस्थाओं और निर्वाचन अधिकारियों की प्रतिक्रिया से आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।




