इंदौर/आगर मालवा।
मध्य प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार सख्ती के बावजूद तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर ड्रग्स का निर्माण और सप्लाई कर रहे हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला आगर मालवा जिले से सामने आया है, जहां पौधों की नर्सरी की आड़ में चल रहे नशे के कारोबार का नारकोटिक्स विभाग ने भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में करीब 10 करोड़ रुपये की MD ड्रग्स बरामद की गई है।
‘तीर्थ’ हर्बल फार्म हाउस में चल रही थी ड्रग्स फैक्ट्री
उज्जैन नारकोटिक्स टीम को सूचना मिली थी कि आमला स्थित ‘तीर्थ’ हर्बल फार्म हाउस में नर्सरी के नाम पर नशीले पदार्थों का निर्माण किया जा रहा है। यह भी इनपुट मिला था कि शनिवार सुबह यहां से ड्रग्स की बड़ी खेप लेने कोई आने वाला है। सूचना के आधार पर नारकोटिक्स की टीम 5 गाड़ियों के काफिले के साथ तड़के करीब 4 बजे मौके पर पहुंची और संदिग्ध ग्राहक का इंतजार किया।
जब काफी देर तक कोई नहीं पहुंचा, तो टीम ने नर्सरी परिसर में छापामार कार्रवाई की। अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
नर्सरी की आड़ में बनी थी पूरी लैब
जांच के दौरान सामने आया कि पौधों की नर्सरी की आड़ में नशीले पदार्थों की मैन्युफैक्चरिंग के लिए पूरी लैब बनाई गई थी। मौके पर ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, मशीनें और अन्य उपकरण मौजूद थे। नारकोटिक्स टीम ने तत्काल लैब को ध्वस्त कर दिया और वहां काम कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
31 किलो से ज्यादा MD ड्रग्स जब्त
नीमच-जावरा नारकोटिक्स विभाग के अधीक्षक वी. एस. कुमार ने बताया कि कार्रवाई के दौरान
31 किलो 250 ग्राम मेफेड्रोन (MD ड्रग्स)
करीब 600 किलो विभिन्न प्रकार के केमिकल
बरामद किए गए हैं। इनमें MDC, MMA, ट्राइथाइलअमाइन, सोडियम कार्बोनेट सहित अन्य रसायन, लैब उपकरण और मशीनें शामिल हैं।
10 करोड़ से ज्यादा की कीमत
अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर जब्त की गई ड्रग्स और केमिकल की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। यदि यह खेप बाहर सप्लाई हो जाती, तो इसकी बाजार कीमत और भी अधिक हो सकती थी।
फिलहाल नारकोटिक्स विभाग पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध कारोबार के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और ड्रग्स की सप्लाई कहां-कहां की जा रही थी।



