सूरजपुर। गुरु घासीदास–तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व से सटे सूरजपुर जिले के घुई वन परिक्षेत्र अंतर्गत रेवटी जंगल में नर बाघ की करंट लगने से हुई मौत के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस सनसनीखेज वन्यजीव अपराध में ग्राम पंचायत परसडीहा (विकासखंड वाड्रफनगर, जिला बलरामपुर) की महिला सरपंच सिसका कुजूर सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
वन विभाग के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से बाघ के नाखून, बाल, तथा करंट प्रवाहित करने में इस्तेमाल किया गया तार और अन्य सामग्री बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि जंगल में करंट फैलाकर बाघ का शिकार किया गया था।
गुरुवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वन विभाग इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
घटना के बाद वन विभाग की विशेष जांच टीम गठित कर मामले की गहन पड़ताल शुरू की गई। जांच के दौरान ग्राम पंचायत परसडीहा की सरपंच सिसका कुजूर की संलिप्तता सामने आई। पूछताछ में उसकी निशानदेही पर उसके घर से बाघ के नाखून और बाल बरामद किए गए, जिन्हें परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है। बरामदगी के बाद सरपंच को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान करंट प्रवाहित तार बिछाने और पूरे घटनाक्रम में सहयोग करने वाले अन्य पांच आरोपियों के नाम भी उजागर हुए, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
सिसका कुजूर (35) — सरपंच, ग्राम पंचायत परसडीहा
दिनेश कुजूर (31), पिता सहल कुजूर — निवासी ग्राम भैंसामुंडा
अभिषेक रोशन (25), पिता बिरसू बड़ा
मिथलेश सिंह (24), पिता बिफन सिंह — निवासी ग्राम कैलाशपुर
रामनाथ सिंह (25), पिता जय सिंह
भोला प्रसाद (46), पिता पहलू राम
वन विभाग ने बताया कि मामले की आगे भी जांच जारी है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने बताया कि इसी अवैध करंट तार की चपेट में आकर बाघ की जान गई। घटना के बाद विभाग ने इसे गंभीर वन्यजीव अपराध करार दिया है।
वन विभाग ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि बाघ की हत्या जघन्य अपराध है। इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मामले की आगे की विवेचना जारी है।




