भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची से करीब 38 लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। साल 2023 की मतदाता सूची के अनुसार इनमें 8 लाख 40 हजार मतदाता मृत पाए गए हैं, जबकि करीब 8 लाख मतदाता अनुपस्थित (एबसेंट) मिले हैं। वहीं 22 लाख मतदाता डुप्लीकेट पाए गए हैं, जो किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट हो चुके हैं।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले चरण की समयसीमा पूरी हो चुकी है। राजधानी भोपाल में कुल 21 लाख 25 हजार मतदाताओं में से 79 प्रतिशत का मैपिंग कार्य पूरा कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि SIR के पहले चरण के बाद करीब 4 लाख 38 हजार मतदाताओं के नाम पुरानी मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे। आगे की प्रक्रिया में दावे और आपत्तियों के निपटारे के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
चुनाव कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, 23 जनवरी से इन मतदाताओं को नोटिस जारी कर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस दौरान मतदाताओं को दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
SIR के तहत करीब 35 हजार मृत मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया 23 जनवरी से 16 फरवरी तक चलेगी। इस अवधि में हर वार्ड में सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ARO) बैठेंगे और नोटिस प्राप्त मतदाताओं की सुनवाई करेंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, प्रत्येक वार्ड में प्रतिदिन 50 मतदाताओं की सुनवाई की जाएगी। सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा और उसके आधार पर संशोधित मतदाता सूची जारी की जाएगी।



