भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन दिनों हरिद्वार के दौरे पर हैं। अपने प्रवास के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव पतंजलि योगपीठ पहुंचे, जहां उन्होंने योगगुरु बाबा रामदेव के साथ योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योगपीठ परिसर में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया और कन्या गुरुकुल में बाबा रामदेव के साथ हवन में भी शामिल हुए। योग अभ्यास के दौरान मुख्यमंत्री और बाबा रामदेव ने योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन और भारतीय संस्कृति के महत्व का संदेश दिया।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि योग भारतीय परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जो तन-मन को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनके इस दौरे को योग, संस्कृति और अध्यात्म के संगम के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शीर्षासन जैसे कठिन योगासन को कोई भी व्यक्ति एक दिन में नहीं कर सकता। इसके लिए लंबे समय तक नियमित योग अभ्यास और अनुशासन जरूरी होता है। ऐसे में यह स्पष्ट होता है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नियमित रूप से योग और आसनों का अभ्यास करते रहे हैं।
योगपीठ हरिद्वार में बाबा रामदेव के साथ मुख्यमंत्री ने न केवल शीर्षासन किया, बल्कि अन्य विभिन्न योग आसनों का भी अभ्यास किया। उनके इस योगमय रूप को देखकर लोगों ने उनकी फिटनेस और योग के प्रति समर्पण की सराहना की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह अंदाज़ योग, स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली का संदेश देता नजर आया। तस्वीरों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग इसे प्रेरणादायक बता रहे हैं।
हरिद्वार में योगगुरु बाबा रामदेव से भेंट के दौरान, यज्ञ वेदी में बैठने से पहले मुख्यमंत्री के लिए बिछाया गया आसन उन्होंने स्वयं बाबा रामदेव को सम्मानपूर्वक सौंप दिया और स्वयं बगैर आसन के भूमि पर बैठ गए। इस दृश्य को सनातन परंपरा के प्रति गहरे सम्मान और विनम्रता का प्रतीक माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज हरिद्वार पहुंचे थे, जहां उन्होंने बाबा रामदेव के साथ योगाभ्यास भी किया। इस दौरान उन्होंने बाबा रामदेव को भारतीय योग संस्कृति के प्रसार में भागीरथ की संज्ञा दी और उनके योगदान की सराहना की।
सीएम डॉ. मोहन यादव के इस व्यवहार को लोग संस्कार, सादगी और भारतीय परंपराओं के प्रति निष्ठा के रूप में देख रहे हैं। उनके इस रूप की सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा हो रही है।



