भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी मनाई जा रही है। यह भगवान गणेश के विशेष स्वरूप की आराधना का पावन पर्व है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से जीवन के संकट दूर होते हैं तथा सुख, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होती है।
चतुर्थी तिथि का समय
पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि का शुभारंभ 3 जुलाई को सुबह 11:21 बजे हुआ, जबकि इसका समापन 4 जुलाई को दोपहर 12:40 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार आज शुक्रवार को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।
संकष्टी चतुर्थी व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। भगवान गणेश की कृपा से करियर और कारोबार में सफलता मिलती है। साथ ही स्वास्थ्य लाभ, संतान सुख और मनोकामनाओं की पूर्ति का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आज करें ये आसान उपाय
- विद्या और बुद्धि के लिए: पीले वस्त्र पहनकर भगवान गणेश की पूजा करें और ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करें। पीला धागा अर्पित कर गुरु या माता-पिता से बंधवाना शुभ माना जाता है।
- संतान सुख के लिए: भगवान गणेश को फलों की माला अर्पित करें और ‘ॐ उमा पुत्राय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इसके बाद फलों का बच्चों में वितरण करें।
- विवाह में आ रही बाधाएं दूर करने के लिए: गणपति का सिंदूर से श्रृंगार करें, पीले वस्त्र, फूल और मोदक अर्पित करें तथा ‘ॐ विघ्नहर्त्रे नमः’ मंत्र का जाप करें।
- मकान निर्माण की इच्छा के लिए: भगवान गणेश को लाल फूल, लाल वस्त्र और तांबे का सिक्का अर्पित करें।
- नौकरी में सफलता के लिए: अपनी आयु के अनुसार लड्डू का भोग लगाएं और ‘ॐ नमो भगवते लम्बोदराय’ मंत्र का जाप करें। पूजा के बाद प्रसाद का वितरण करना शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से की गई गणपति पूजा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।



