श्योपुर, 4 दिसंबर 2025 — आज अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क पहुंचे और तीन चीतों को बड़े बाड़े से निकालकर पूरी तरह से खुले जंगल में रिलीज किया। इस महत्वपूर्ण कदम के साथ, ‘प्रोजेक्ट चीता’ भारत में एक और महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर गया है।
स्टेरिंग कमेटी द्वारा अनुमति दिए जाने के बाद, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में इस प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। छोड़े गए तीन चीतों में एक मादा ‘वीरा’ और उसके दो स्वस्थ शावक शामिल हैं।
सुरक्षा और तैयारियों का जायजा:
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए, श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा और पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने शिवपुरी कलेक्टर रविन्द्र चौधरी और एसपी अमन सिंह राठौड़ के साथ मिलकर बुधवार को ही कूनो और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों का जायजा लिया था। आज की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहे।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए, श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा और पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने शिवपुरी कलेक्टर रविन्द्र चौधरी और एसपी अमन सिंह राठौड़ के साथ मिलकर बुधवार को ही कूनो और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों का जायजा लिया था। आज की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन और वन विभाग पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद रहे।
प्रोजेक्ट चीता की स्थिति:
भारत में चीता पुनरुत्पादन के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क में 8 चीते बड़े बाड़े में थे, जिनमें से तीन को आज जंगल में छोड़ दिया गया। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, पार्क में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 32 हो गई है, जिसमें भारत में जन्मे 6 शावक भी शामिल हैं।
भारत में चीता पुनरुत्पादन के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क में 8 चीते बड़े बाड़े में थे, जिनमें से तीन को आज जंगल में छोड़ दिया गया। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, पार्क में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 32 हो गई है, जिसमें भारत में जन्मे 6 शावक भी शामिल हैं।
यह कदम भारत में चीता संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और कूनो नेशनल पार्क को इन भव्य जानवरों के लिए एक सफल घर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर है।
कार्यक्रम की संवेदनशीलता और गरिमा बनाए रखने के लिए, श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा और पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने आज सुबह से ही कूनो और आसपास के क्षेत्रों में डेरा डाल लिया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने दिनभर कई स्थानों का सघन दौरा किया और सुरक्षा तथा व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक बिंदु की बारीकी से समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान, पड़ोसी जिले शिवपुरी के कलेक्टर रविन्द्र चौधरी और एसपी अमन सिंह राठौड़ भी मौजूद रहे, ताकि अंतर-जिला समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य निरीक्षण बिंदु:
- सुरक्षा व्यवस्था: मुख्यमंत्री के काफिले के मार्ग से लेकर मुख्य आयोजन स्थल तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
- वन्यजीव सुरक्षा: चीतों को बड़े बाड़े से खुले जंगल में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित करने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई।
- प्रोटोकॉल और वीआईपी मूवमेंट: कार्यक्रम में शामिल होने वाले गणमान्य व्यक्तियों के लिए आवश्यक प्रोटोकॉल और सुचारू आवागमन सुनिश्चित किया गया।
प्रशासन और वन विभाग की टीमें पूरी तरह से मुस्तैद हैं ताकि यह ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
कूनो में सुरक्षा का अंतिम जायजा: वन और जिला प्रशासन ने मिलकर परखीं तैयारियां, डीएफओ सहित वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कूनो नेशनल पार्क आगमन और चीता रिलीज कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर ली गई हैं। श्योपुर और शिवपुरी जिलों के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के एक संयुक्त दल ने बुधवार देर शाम तैयारियों का अंतिम निरीक्षण किया।
श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा, एसपी सुधीर अग्रवाल, शिवपुरी कलेक्टर रविन्द्र चौधरी और एसपी अमन सिंह राठौड़ ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था और तैनाती की गहन समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अहेरा गेट से रिलीज प्वाइंट तक का निरीक्षण:
समीक्षा बैठक के पश्चात, निरीक्षण दल सीधे कूनो नेशनल पार्क के महत्वपूर्ण ‘अहेरा गेट’ पहुंचा। यहां वन विभाग द्वारा की गई विशेष तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया गया। अधिकारियों ने गेट से लेकर उस ‘रिलीज प्वाइंट’ तक बनाई गई सड़क का निरीक्षण किया, जहाँ मुख्यमंत्री चीतों को बाड़े से जंगल में छोड़ेंगे।
सुरक्षा घेरा, संचार व्यवस्था की मजबूती और विभिन्न टीमों की तैनाती का भी जायजा लिया गया।
इन अधिकारियों की रही उपस्थिति:
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान वन विभाग के डीएफओ (DFO) आर. थिरुकुराल, अपर कलेक्टर रूपेश उपाध्याय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण भूरिया, वन विभाग के कई रेंजर-डिप्टी रेंजर और जिला प्रशासन की टीमें उपस्थित थीं। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे चीता रिलीज से जुड़ी सभी तकनीकी और सुरक्षा प्रक्रियाओं पर विशेष ध्यान दें ताकि यह ऐतिहासिक आयोजन बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।



