धार।
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को सूर्योदय के साथ ही हिंदू पक्ष द्वारा मां वाग्देवी (सरस्वती) की अखंड पूजा शुरू कर दी गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार हिंदू समाज सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा-अर्चना, महाआरती, धर्मसभा और शोभायात्रा का आयोजन कर रहा है।
वहीं मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक सीमित संख्या में, निर्धारित स्थान पर जुमे की नमाज़ अदा करने की अनुमति दी गई है। दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग तय किए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम, भारी पुलिस बल तैनात
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे धार शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 8 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 13 एसपी रेंज अधिकारी, 25 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 67 एसडीओपी, 107 नगर निरीक्षक, 393 उपनिरीक्षक एवं सहायक निरीक्षक, 933 महिला पुलिसकर्मी, 8 RAF प्लाटून और CRPF का बल शामिल है।
गुरुवार रात से तैयारियां, पूरे दिन चलेगा पूजन
गुरुवार रात से ही हिंदू संगठनों द्वारा पूजा की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। मां वाग्देवी का चित्र भोजशाला परिसर में स्थापित किया गया, जिसके बाद अखंड पूजन का क्रम शुरू हुआ। यह पूजन पूरे दिन चलता रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है और अखंड पूजा तथा जुमे की नमाज़—दोनों ही शांतिपूर्ण और निर्बाध रूप से संपन्न कराई जाएंगी। जिला प्रशासन और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।



