भोपाल। मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने उनके खिलाफ मुख्य चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है।
कांग्रेस का आरोप है कि विजयवर्गीय ने अपने चुनावी हलफनामे में पश्चिम बंगाल में दर्ज मामलों की जानकारी छिपाई है। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग से जांच और कार्रवाई की मांग की है।
रतलाम बयान बना विवाद की वजह
कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी ने चुनाव आयोग में शिकायत दायर की। शिकायत में रतलाम में दिए गए विजयवर्गीय के बयान को आधार बनाया गया है।
दरअसल, रतलाम में एक कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने कहा था कि पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ 34 से अधिक “फर्जी मामले” दर्ज हैं और अगर वे वहां जाते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।
हलफनामे में जानकारी छिपाने का आरोप
कांग्रेस का कहना है कि जब खुद मंत्री ने सार्वजनिक रूप से इन मामलों का जिक्र किया है, तो उन्हें चुनावी हलफनामे में भी दर्शाया जाना चाहिए था।
पार्टी का आरोप है कि ऐसा न करना चुनावी नियमों का उल्लंघन है।
कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह गंभीर मामला है और इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सदस्यता रद्द करने की मांग
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि:
- विजयवर्गीय के हलफनामे की जांच की जाए
- आरोप सही पाए जाने पर उनकी सदस्यता रद्द की जाए
इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और अब सभी की नजर चुनाव आयोग की कार्रवाई पर टिकी है।



