भोपाल।
मध्य प्रदेश में जनवरी का आखिरी सप्ताह ठंड और बारिश का मिला-जुला असर लेकर आ रहा है। मौसम विभाग भोपाल के अनुसार, सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते अगले 24 घंटों में प्रदेश के कम से कम आठ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसे लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
सबसे अधिक असर ग्वालियर-चंबल अंचल में देखने को मिलेगा। ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में बारिश या मावठे के आसार बने हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह बारिश इस सीजन की पहली मावठे जैसी बारिश हो सकती है।
बारिश के कारण इन इलाकों में ठंड बढ़ने की संभावना है, वहीं न्यूनतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है। किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिहाज से फायदेमंद मानी जा रही है, हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे की चेतावनी जारी की जाएगी।
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में कहीं भी तेज ठंड या शीतलहर का अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन सुबह और शाम के समय ठंडी हवाओं के साथ कोहरा लोगों को ठिठुरा सकता है। खासकर शहरी इलाकों में दृश्यता प्रभावित होने की आशंका है।
बीते 24 घंटों में कटनी जिले का करोंदी क्षेत्र प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तरी भारत में हो रही बर्फबारी का असर मध्य प्रदेश पर भी साफ नजर आ रहा है, जिससे तापमान में अचानक गिरावट देखी जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक 25 जनवरी से प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है। ऐसे में एक बार फिर ठंड के तेवर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।



