भोपाल: SIR और मेट्रो पर गरमाई राजनीति, पीसी शर्मा का सरकार पर बड़ा हमला, बोले- ‘EVM से नहीं होना चाहिए चुनाव’
भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व कानून मंत्री और कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने शिवराज सरकार को SIR (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) और मेट्रो परियोजनाओं के मुद्दों पर जमकर घेरा है। उन्होंने सरकार पर BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) पर दबाव डालने और फर्जी तरीके से मतदाता सूचियों से नाम गायब करने का गंभीर आरोप लगाया है।
मुख्य बिंदु:
- SIR पर आरोप: शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश में SIR की अवधि फिर 7 दिन बढ़ा दी गई है और BLOs पर भारी दबाव डाला जा रहा है, जिससे कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने दावा किया कि लाखों की तादाद में नाम काटे जा रहे हैं।
- EVM पर आंदोलन: कांग्रेस नेता ने पिछले चुनाव में भी धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि 14 तारीख को देशभर के कांग्रेस कार्यकर्ता इकट्ठे होकर आंदोलन करेंगे। मुख्य मांग EVM से चुनाव न कराकर मतपत्र से कराने की है।
- मेट्रो पर तुर्की कनेक्शन का मुद्दा: पीसी शर्मा ने दावा किया कि मेट्रो की नींव कांग्रेस सरकार के दौरान कमलनाथ ने रखी थी। उन्होंने मेट्रो में तुर्की के उपकरण (आइटम) लगाए जाने पर सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “तुर्की ऐसा देश है जिसने पाकिस्तान का साथ दिया है, उसकी कनेक्टिविटी है। जैसे इजराइल ने किया था, कभी भी विस्फोट कर सकता है, वैसे तुर्की भी बहुत कुछ कर सकता है।”
- सुरक्षा की मांग: शर्मा ने मांग की कि तुर्की के सभी उपकरणों को मेट्रो परियोजना से तुरंत हटाया जाना चाहिए।
कांग्रेस कार्यालय के खिलाफ षड्यंत्र का आरोप
शर्मा ने रोशनपुरा पर बन रहे मेट्रो लैंडिंग स्टेशन के डिजाइन पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह कांग्रेस कार्यालय के खिलाफ षड्यंत्र के तहत किया जा रहा है।
पीसी शर्मा ने गिनाईं प्रमुख चुनौतियां:
- अधूरे वादे: शर्मा ने कहा कि सरकार ने जनता से कई वादे किए थे, जो अभी तक पूरे नहीं हुए हैं।
- बिगड़ती कानून व्यवस्था: उन्होंने अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई।
- किसानों के मुद्दे: किसान आत्महत्या, धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), और खाद-बीज के संकट को सरकार के लिए कड़ी चुनौतियां बताया।
- आर्थिक संकट: शर्मा ने कहा कि सरकार पर बड़ा कर्ज है, जिससे वित्तीय स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
- अन्य मुद्दे: रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए।



