नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर 12 भारतीय AI स्टार्टअप्स के साथ एक अहम राउंडटेबल बैठक की। इस दौरान पीएम मोदी ने भारत को ग्लोबल AI लीडर बनाने के लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि “स्टार्टअप्स ही भारत के भविष्य के सह-आर्किटेक्ट हैं।”
यह बैठक आगामी इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले आयोजित की गई, जिसमें ‘मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड’ विज़न के तहत AI मॉडल विकसित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में AI for ALL: Global Impact Challenge के लिए चयनित 12 भारतीय AI स्टार्टअप्स ने भाग लिया और अपने-अपने नवाचारों व प्रोजेक्ट्स की प्रस्तुति दी।
इन स्टार्टअप्स का काम भारतीय भाषाओं पर आधारित फाउंडेशन मॉडल, मल्टी-लिंगुअल LLMs, स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-ऑडियो और टेक्स्ट-टू-वीडियो तकनीक, ई-कॉमर्स व मार्केटिंग के लिए जनरेटिव AI आधारित 3D कंटेंट, इंजीनियरिंग सिमुलेशन, मैटेरियल रिसर्च, हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स और मेडिकल रिसर्च जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की विविधता, भाषाई समृद्धि और तकनीकी प्रतिभा देश को वैश्विक AI इनोवेशन हब बना सकती है। उन्होंने स्टार्टअप्स से समाज के हर वर्ग तक AI की पहुंच सुनिश्चित करने और AI for ALL के सिद्धांत को मजबूत करने का आह्वान किया।
पीएम ने भरोसा जताया कि भारत में विकसित AI समाधान न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करेंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाएंगे। उन्होंने स्टार्टअप्स को नीति, नवाचार और निवेश के हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत न केवल सस्ती AI टेक्नोलॉजी विकसित कर सकता है, बल्कि अफोर्डेबल इनोवेशन के माध्यम से वैश्विक जरूरतों को भी पूरा करने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतांत्रिक ढांचा और मूल्य-आधारित दृष्टिकोण AI विकास में देश को अलग पहचान देता है।
बैठक में शामिल AI स्टार्टअप्स के प्रतिनिधियों ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि AI सेक्टर में तेज़ी से विकास हो रहा है और आने वाले समय में इसमें अपार संभावनाएं हैं।
स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि AI इनोवेशन और उसके उपयोग का वैश्विक केंद्र अब धीरे-धीरे भारत की ओर शिफ्ट हो रहा है। उनके अनुसार, भारत आज AI डेवलपमेंट के लिए एक अनुकूल, मजबूत और भरोसेमंद माहौल प्रदान करता है, जिससे देश ग्लोबल AI मैप पर मजबूती से उभरकर सामने आया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत AI का उपयोग केवल तकनीकी विकास के लिए नहीं, बल्कि समावेशी और सामाजिक परिवर्तन के लिए कर रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय AI मॉडल अपनी पहचान में अलग हों और स्थानीय व स्वदेशी कंटेंट के साथ क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा दें, ताकि तकनीक समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
पीएम मोदी ने स्टार्टअप्स और AI एंटरप्रेन्योर को भारत के भविष्य का को-आर्किटेक्ट बताते हुए कहा कि देश में इनोवेशन के साथ-साथ बड़े पैमाने पर इम्प्लीमेंटेशन की अपार क्षमता मौजूद है। उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया के सामने एक ऐसा यूनिक AI मॉडल पेश करना चाहिए, जो “मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड” की भावना को साकार करे और वैश्विक स्तर पर भारत की तकनीकी नेतृत्व क्षमता को दर्शाए।



