Bharat Band Today: मजदूर-किसान संगठनों की देशव्यापी हड़ताल, कई सेवाएं प्रभावित होने की आशंका
नई दिल्ली। सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के संयुक्त फोरम ने आज देशभर में भारत बंद और हड़ताल का आह्वान किया है। यह हड़ताल केंद्र सरकार की कथित “मज़दूर-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट-समर्थक” नीतियों के विरोध में बुलाई गई है। यूनियनों का दावा है कि विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 30 करोड़ मजदूर इस आंदोलन में शामिल हो सकते हैं।
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की महासचिव अमरजीत कौर ने कहा कि हड़ताल के चलते बिजली, बैंकिंग, इंश्योरेंस, ट्रांसपोर्ट, हेल्थ, एजुकेशन, गैस और पानी की सप्लाई जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि सभी बैंक यूनियनें इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं, लेकिन AIBEA, AIBOA और BEFI जैसी प्रमुख बैंक यूनियनें समर्थन दे रही हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा ने भी ट्रेड यूनियनों की मांगों का समर्थन किया है। खेती-बाड़ी मजदूर संगठनों का संयुक्त मोर्चा MGNREGA को फिर से प्रभावी रूप से लागू करने और ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025’ को वापस लेने की मांग को लेकर हड़ताल में शामिल हो रहा है।
हड़ताल की प्रमुख मांगों में चार लेबर कोड रद्द करना, ड्राफ्ट सीड बिल और इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल वापस लेना तथा ‘SHANTI एक्ट’ को निरस्त करना शामिल है। जॉइंट फोरम में INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, SEWA, AICCTU, LPF और UTUC जैसे संगठन शामिल हैं।
वहीं, ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर (TUCC) ने इस हड़ताल से खुद को अलग रखते हुए इसे “बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताया है। TUCC का कहना है कि ऐसे आह्वान संवाद और वार्ता की मौजूदा प्रक्रिया को कमजोर करते हैं।
देशभर में हड़ताल का असर अलग-अलग राज्यों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार देखने को मिल सकता है।



