PM Modi Assam Visit: हाईवे पर उतरा प्रधानमंत्री का विमान, लड़ाकू विमानों की गर्जना के बीच ₹5,450 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन
प्रधानमंत्री Narendra Modi आज असम दौरे पर हैं। विधानसभा चुनाव से पहले और पूर्वोत्तर में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच उनका यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने डिब्रूगढ़ के पास मोरन बाइपास पर बनी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर उतरकर दमदार संदेश दिया। यह एयरस्ट्रिप चीन सीमा से करीब 300 किमी दूर है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।
हाईवे बना एयरस्ट्रिप, 16 लड़ाकू विमानों का एरियल शो
मोरन हाईवे पर प्रधानमंत्री की मौजूदगी में राफेल, सुखोई और तेजस समेत 16 लड़ाकू विमानों ने एरियल शो किया। करीब 30 मिनट तक चले इस डेमो में विमानों ने हाईवे से ही टेकऑफ और लैंडिंग कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। यह पूर्वोत्तर की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी है, जिसे डुअल-यूज इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत तैयार किया गया है।
NH-127 के 4.4 किमी हिस्से पर बनी यह ELF 40 टन तक के फाइटर एयरक्राफ्ट और 74 टन तक के ट्रांसपोर्ट विमान को संभालने में सक्षम है। युद्ध या आपात स्थिति में हाईवे को रनवे की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा।
₹5,450 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी में ₹5,450 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। असम में 2016 से लगातार NDA की सरकार है। इससे पहले 2001 से 2016 तक राज्य में कांग्रेस की सरकार रही थी।
डिब्रूगढ़ में प्रधानमंत्री का स्वागत मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma और केंद्रीय मंत्री Sarbananda Sonowal ने किया।
नेशनल डेटा सेंटर और IIM गुवाहाटी का उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने कामरूप जिले के अमिंगांव में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए नेशनल डेटा सेंटर का उद्घाटन किया। 8.5 मेगावॉट क्षमता वाला यह आधुनिक डेटा सेंटर विभिन्न सरकारी डिजिटल सेवाओं की मेजबानी करेगा और डिजास्टर रिकवरी सेंटर के रूप में भी काम करेगा।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने Indian Institute of Management Guwahati (IIM गुवाहाटी) का भी उद्घाटन किया, जिससे क्षेत्र में उच्च और प्रबंधन शिक्षा को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ब्रह्मपुत्र पर 6-लेन कुमार भास्कर वर्मा सेतु
प्रधानमंत्री ने ब्रह्मपुत्र नदी पर बने 1.24 किमी लंबे छह-लेन एक्स्ट्राडोज्ड प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट पुल Kumar Bhaskar Varma Setu का उद्घाटन भी किया। करीब ₹3,030 करोड़ की लागत से बना यह पुल गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी को जोड़ेगा, जिससे यात्रा समय घटकर लगभग सात मिनट रह जाएगा।
भूकंपीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पुल में बेस आइसोलेशन तकनीक, फ्रिक्शन पेंडुलम बेयरिंग, हाई-परफॉर्मेंस स्टे केबल्स और ब्रिज हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम (BHMS) लगाया गया है।
प्रधानमंत्री का यह दौरा विकास और सामरिक शक्ति—दोनों का संदेश देता है, जिसे पूर्वोत्तर की राजनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



