ECI पर भड़कीं CM ममता बनर्जी, राष्ट्रीय मतदाता दिवस को बताया ‘दुखद तमाशा’, लगाए गंभीर आरोप
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। चुनावी तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग (ECI) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राष्ट्रीय मतदाता दिवस को ‘दुखद तमाशा’ करार देते हुए चुनाव आयोग पर बीजेपी के इशारे पर काम करने, विपक्ष को कुचलने और लोकतंत्र की नींव कमजोर करने का आरोप लगाया।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग अपने “आका की आवाज” बनकर लोगों के मतदान अधिकारों को छीनने में लगा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि बीजेपी ही आयोग का आका है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आयोग का रवैया निष्पक्ष नहीं है और वह विपक्षी दलों को दबाने का प्रयास कर रहा है।
SIR को लेकर ECI पर लगातार हमलावर ममता
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग अनुचित जल्दबाजी में इस प्रक्रिया को अंजाम दे रहा है, जिससे आम लोगों को परेशान किया जा रहा है और उनके लोकतांत्रिक अधिकार छीने जा रहे हैं।
ममता बनर्जी ने कहा,
“माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का पालन करने और नियमों के अनुसार काम करने के बजाय चुनाव आयोग तार्किक विसंगति के नाम पर नए-नए बहाने खोज रहा है, ताकि लोगों को उनके चुनावी अधिकारों से वंचित किया जा सके।”
‘130 से ज्यादा लोगों की मौत का जिम्मेदार ECI’—ममता
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग की कथित प्रताड़ना के कारण 130 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा,
“ECI, आप अभूतपूर्व तरीके से लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं। आपकी नीतियों और फैसलों ने लोगों को मौत के मुंह में धकेल दिया है।”
‘चुनाव लोकतंत्र का उत्सव, लेकिन ECI का आचरण पक्षपातपूर्ण’
ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का उत्सव होते हैं, लेकिन चुनाव आयोग का पक्षपातपूर्ण और एकतरफा रवैया लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की तैनाती और अवैध कार्रवाइयों के जरिए उत्पीड़न बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा,
“आज आपको मतदाता दिवस मनाने का कोई अधिकार नहीं है।”
चुनाव से पहले मुख्यमंत्री के इन बयानों से राज्य की राजनीति और अधिक गरमा गई है, वहीं चुनाव आयोग पर लगे आरोपों को लेकर सियासी हलकों में बहस तेज हो गई है।



