मुंबई महानगरपालिका चुनाव के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने मंगलवार (18 फरवरी) को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके ‘नंदनवन’ निवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
महानगरपालिका चुनाव के बाद यह दोनों नेताओं की पहली औपचारिक मुलाकात मानी जा रही है। ऐसे में इस बैठक को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। मुलाकात ने उन अटकलों को भी हवा दे दी है कि क्या भविष्य में MNS और शिंदे गुट के बीच किसी तरह का सियासी तालमेल बन सकता है।
कल्याण-डोंबिवली मेयर चुनाव से बढ़ी चर्चाएं
हाल ही में कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के मेयर चुनाव में MNS पार्षदों ने शिंदे गुट का समर्थन कर सबको चौंका दिया था। उनके समर्थन से शिवसेना (शिंदे गुट) का मेयर चुना गया। इस घटनाक्रम के बाद उद्धव ठाकरे गुट ने नाराजगी जताई और सवाल उठाए।
राज ठाकरे इस समय अपने चचेरे भाई Uddhav Thackeray की शिवसेना (यूबीटी) के साथ गठबंधन में हैं, जबकि शिंदे और उद्धव के बीच राजनीतिक टकराव जगजाहिर है। ऐसे में राज–शिंदे मुलाकात ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
शिवसेना (यूबीटी) की प्रतिक्रिया
शिवसेना (यूबीटी) की नेता Sushma Andhare ने इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज ठाकरे एक पार्टी अध्यक्ष हैं और शिंदे उपमुख्यमंत्री हैं, ऐसे में दोनों की मुलाकात पर आपत्ति नहीं की जा सकती। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि मुलाकात के पीछे कोई न कोई वजह जरूर होगी।
गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल 2025 में भी एकनाथ शिंदे, राज ठाकरे से उनके निवास पर मिल चुके हैं।
फिलहाल इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में संभावित नए समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।


