ग्वालियर के कुलैथ में आयोजित कृषक कल्याण वर्ष के पहले प्रदेश स्तरीय किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। कार्यक्रम में किसानों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया तथा ग्रामीणों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं।
डेयरी को बढ़ावा, 10 लाख तक राहत
मुख्यमंत्री ने किसानों से डेयरी प्रोजेक्ट अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि 25 से 200 गौमाता तक डेयरी स्थापित करने पर किसानों को 10 लाख रुपये तक की राहत दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादन 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है। कुपोषण दूर करने के लिए बच्चों को आठवीं कक्षा तक दूध उपलब्ध कराने का निर्णय भी बजट में लिया गया है।
साथ ही सरकार पट्टे की जमीन की रजिस्ट्री का खर्च वहन करेगी ताकि किसानों को ऋण लेने में परेशानी न हो। सोलर पंप योजना का भी प्रावधान किया गया है।
सांस्कृतिक रंग और धार्मिक संदर्भ
मुख्यमंत्री ने कन्हैया लोकगीत मंडलियों के गीतों का आनंद लिया और कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सबको प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष किसानों की जिंदगी बदलने के संकल्प के साथ मनाया जा रहा है।
विकास और अन्य घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने कुलैथ क्षेत्र के लिए कई घोषणाएं कीं—
महेश्वरा पत्थर खदान को पुनः चालू कराने का प्रयास
डांडे बाबा मंदिर तक सड़क और ट्रांसफार्मर सुविधा
भगवान जगन्नाथ धाम मंदिर में ठहरने के लिए भवन निर्माण व सड़क निर्माण
खेल मैदान का निर्माण
कुलैथ क्षेत्र में उद्योग स्थापना
कन्हैया टीम को 5 हजार रुपये प्रोत्साहन
बैलगाड़ी चालकों को 21 हजार और 11 हजार रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और बजट में 1 लाख करोड़ रुपये कृषि क्षेत्र के लिए प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान का भी उल्लेख किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय विकास, सिंचाई और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार गांव, किसान और गरीब के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है।



