भोपाल। मध्यप्रदेश के भांडेर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के एक आपत्तिजनक और विवादित बयान ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। धर्मग्रंथों, महिलाओं और बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को लेकर दिए गए उनके बयान पर बीजेपी ने कांग्रेस पर महिला-विरोधी और दलित-विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया है।
एक इंटरव्यू के दौरान विधायक फूल सिंह बरैया ने कथित तौर पर कहा कि “खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग विचलित हो सकता है, रेप हो सकता है”। उन्होंने यह भी कहा कि एससी-एसटी और ओबीसी समाज में कोई खूबसूरत लड़की नहीं होती, साथ ही कुछ धर्मग्रंथों का हवाला देते हुए अत्यंत आपत्तिजनक दावे किए।
रेप को लेकर दी विवादित ‘थ्योरी’
फूल सिंह बरैया ने दावा किया कि कुछ ग्रंथों में लिखा है कि यदि अनुसूचित जाति समाज की महिलाओं के साथ सहवास किया जाए तो उसे तीर्थ के समान पुण्य मिलता है। इसी सोच के कारण, उनके अनुसार, एससी-एसटी महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार की घटनाएं होती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बलात्कार अकेले व्यक्ति द्वारा नहीं बल्कि समूह में किया जाता है और इसी विकृत सोच के चलते चार महीने और दस महीने की बच्चियों तक को निशाना बनाया जा रहा है।
बीजेपी का तीखा पलटवार
बीजेपी मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह बयान जुबानी फिसलन नहीं बल्कि बीमार, विकृत और आपराधिक सोच का सार्वजनिक प्रदर्शन है।
आशीष अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं को “खूबसूरती” के तराजू पर तौलना और एससी-एसटी समाज की महिलाओं के साथ बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को “तीर्थ फल” से जोड़ना स्त्री-द्वेष, दलित-विरोध और मानवता पर सीधा हमला है।
कांग्रेस नेतृत्व से जवाब की मांग
बीजेपी ने सवाल उठाया कि जब राहुल गांधी मध्यप्रदेश दौरे पर हैं, तब देश जानना चाहता है कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है और क्या यही ‘संविधान बचाओ’ का दावा है।
बीजेपी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से मांग की कि या तो विधायक से तत्काल सार्वजनिक माफी दिलाई जाए और उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाए, या फिर कांग्रेस यह स्वीकार करे कि वह महिला-विरोधी और दलित-विरोधी मानसिकता के साथ खड़ी है।
‘नारी देवी है, प्रयोग की वस्तु नहीं’
बीजेपी नेताओं ने कहा कि महिलाओं का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा और ऐसे बयानों को लेकर समाज में कड़ा संदेश जाना चाहिए।



