भोपाल। देश में जहां एक ओर जनगणना का काम तेजी से जारी है, वहीं दूसरी ओर साइबर ठगों ने इसे लोगों को फंसाने का नया जरिया बना लिया है। प्रशासन द्वारा नागरिकों से जनगणना में सहयोग और सही जानकारी देने की अपील की जा रही है, लेकिन इसी बीच ठगी के मामलों को लेकर सतर्कता भी बढ़ा दी गई है।
साइबर अपराधी खुद को जनगणना कर्मी बताकर लोगों से आधार, बैंक डिटेल, OTP जैसी संवेदनशील जानकारी मांग रहे हैं। इसके अलावा फर्जी लिंक और APK फाइल भेजकर मोबाइल में इंस्टॉल करवाने के जरिए भी ठगी की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी फाइल इंस्टॉल होते ही मोबाइल का पूरा नियंत्रण ठगों के पास चला जाता है।
भोपाल क्राइम ब्रांच ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लोगों को सावधान रहने की अपील की है और जल्द ही इस संबंध में एडवाइजरी जारी करने की बात कही है। अतिरिक्त डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि कोई भी असली जनगणना कर्मी OTP, बैंक डिटेल या किसी ऐप को डाउनलोड करने के लिए नहीं कहता। उन्होंने कहा कि यदि कोई अनजान कॉल या लिंक आए तो तुरंत सतर्क हो जाएं और उसे साझा न करें। संदिग्ध मामलों की सूचना हेल्पलाइन 1930 पर देने की सलाह दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि जनगणना में सहयोग करना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी सतर्क रहना है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही बड़ा आर्थिक नुकसान करा सकती है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने भी नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत कर्मियों को ही जानकारी दें और किसी भी अनजान लिंक या संदेश से बचें।
साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं, ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।


