पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला है। कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठिए न केवल पश्चिम बंगाल में जनसांख्यिकीय बदलाव ला रहे हैं, बल्कि यह स्थिति पड़ोसी राज्यों तक फैल रही है और आने वाले समय में यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
सीएम सरमा ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल एकमात्र ऐसा राज्य है जहां सीमा पर बाड़ लगाने का काम पूरी तरह नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठ रोकने के प्रयासों में राज्य सरकार की ओर से बाधाएं पैदा की जा रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम आबादी में वृद्धि को लेकर असम में जनसांख्यिकीय बदलाव तेजी से हुआ है, और अगर इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। हालांकि उनके इन बयानों ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
सरमा ने आगे कहा कि यदि पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता में आती है तो वह केंद्र सरकार से मिलकर एक संयुक्त टास्क फोर्स बनाने का प्रस्ताव देंगे, जिसमें पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे, ताकि सीमा सुरक्षा और घुसपैठ की समस्या से निपटा जा सके।
उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा असम में भारी बहुमत से जीत हासिल करेगी और पश्चिम बंगाल में भी पार्टी को मजबूत जनसमर्थन मिल रहा है। उनके अनुसार, यह चुनाव केवल राजनीतिक नहीं बल्कि क्षेत्रीय और “सभ्यतागत” महत्व का भी है।
सीएम सरमा के इन बयानों के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और बढ़ गया है।



