भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
टेक्नोलॉजी डेस्क: अगर आप नया स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी या कोई स्मार्ट होम डिवाइस खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आने वाले समय में आपको इसके लिए पहले से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसकी बड़ी वजह ‘चिपफ्लेशन’ (Chipflation) है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ तेजी से चर्चा में आया है।
क्या है चिपफ्लेशन?
चिपफ्लेशन का मतलब है सेमीकंडक्टर चिप्स, खासकर एडवांस मेमोरी और हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसिंग चिप्स की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी। AI तकनीक के तेजी से विस्तार के कारण दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियां इन चिप्स की भारी मात्रा में खरीद रही हैं। बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति के कारण चिप्स महंगी हो रही हैं, जिससे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की निर्माण लागत भी बढ़ रही है।
AI की बढ़ती जरूरत क्यों बढ़ा रही है लागत?
आज AI आधारित सेवाओं, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा सेंटर का तेजी से विस्तार हो रहा है। इन सेवाओं के लिए अधिक क्षमता वाली मेमोरी, शक्तिशाली प्रोसेसर और हाई-परफॉर्मेंस सेमीकंडक्टर चिप्स की जरूरत होती है। इसके अलावा डेटा सेंटर चलाने में बिजली और अन्य संसाधनों पर भी भारी खर्च आता है। यही वजह है कि कंपनियों की कुल उत्पादन लागत बढ़ रही है, जिसका असर धीरे-धीरे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों पर पड़ सकता है।
किन गैजेट्स पर पड़ सकता है असर?
विशेषज्ञों के अनुसार शुरुआती असर AI फीचर्स वाले प्रीमियम स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट पर देखने को मिल सकता है। भविष्य में स्मार्ट टीवी, स्मार्टवॉच, सिक्योरिटी कैमरे, स्मार्ट होम डिवाइस और इंटरनेट से जुड़े अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। जैसे-जैसे इन डिवाइसों में AI फीचर्स बढ़ेंगे, वैसे-वैसे एडवांस चिप्स की मांग भी बढ़ती जाएगी।
ग्राहकों के लिए क्या मतलब है?
आने वाले वर्षों में AI तकनीक आम जीवन का अहम हिस्सा बनने की संभावना है। यदि सेमीकंडक्टर चिप्स की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो कंपनियां बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों से वसूल सकती हैं। ऐसे में नए गैजेट्स खरीदने के लिए पहले की तुलना में अधिक बजट रखना पड़ सकता है।
AI तकनीक जहां बेहतर अनुभव और नई सुविधाएं लेकर आ रही है, वहीं यह इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी कर रही है। ‘चिपफ्लेशन’ इसी बदलाव का संकेत है। यदि चिप्स की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहती है, तो आने वाले समय में स्मार्टफोन से लेकर स्मार्ट टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पहले से अधिक महंगे हो सकते हैं।



