भोपाल। मध्य प्रदेश में डॉ. मोहन यादव सरकार के दो वर्ष पूरे होने के बाद मंत्रियों द्वारा अपने-अपने विभागों का रिपोर्ट कार्ड पेश करने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को पर्यटन, संस्कृति और धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने विभाग की दो साल की उपलब्धियों के साथ आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।
मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने दावा किया कि पर्यटन क्षेत्र के माध्यम से प्रदेश में 12 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों में पर्यटन क्षेत्र में 511 हेक्टेयर क्षेत्र में निवेश आया है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
पर्यटन आंकड़ों की जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि वर्ष 2024-25 में 14 करोड़ पर्यटक मध्य प्रदेश पहुंचे, जबकि 2023-24 में 11 करोड़ 21 लाख पर्यटक प्रदेश आए थे। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य हर वर्ष पर्यटकों की संख्या में 20 प्रतिशत की वृद्धि करना है।
मंत्री लोधी ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन, संस्कृति और धर्मस्व के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश प्रोत्साहन और रोजगार सृजन पर लगातार काम कर रही है। आने वाले समय में नई योजनाओं और परियोजनाओं के जरिए मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने बताया कि प्रदेश में पर्यटन निवेश को बढ़ावा देने के लिए रीवा और ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया, जहां से करीब 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इसके अलावा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान पर्यटन क्षेत्र से जुड़े छह एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
उन्होंने बताया कि राजधानी भोपाल में आयोजित ‘मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट’ पर्यटन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। इस आयोजन में देशभर के स्टेकहोल्डर्स के साथ-साथ 28 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान मिली।
मंत्री ने कहा कि ट्रेवल मार्ट के माध्यम से 7 हजार से अधिक बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) बैठकों का सफल आयोजन किया गया। साथ ही, इस मंच पर 3 हजार 565 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव सामने आए। उन्होंने इसे प्रदेश में पर्यटन को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।
मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने कहा कि सरकार आने वाले समय में भी निवेश, बुनियादी ढांचे के विकास और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए पर्यटन क्षेत्र को और मजबूत करने के लिए कार्य करती रहेगी।
धर्मेंद्र लोधी ने कहा कि विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर प्रदेश ने अपनी सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया है। आगामी सिंहस्थ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए 18 गांवों को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।
पर्यटन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि पचमढ़ी को ग्रीन डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की पहल की गई है। वहीं जल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जल क्षेत्रों में 41 गतिविधियों को लाइसेंस प्रदान किए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों के जरिए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना और रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।



