भोपाल। राजधानी भोपाल में निगम के स्लॉटर हाउस में 26 टन गोमांस मिलने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार, पूर्व महापौर आलोक शर्मा और कृष्णा गौर स्लॉटर हाउस के खुलने के पक्ष में नहीं थे और उन्होंने इस पर रोक भी लगाई थी। हालांकि वर्तमान महापौर मालती राय ने स्लॉटर हाउस में रुचि दिखाई और इसके संचालन की अनुमति दी।
स्लॉटर हाउस के निर्माण के लिए समय सीमा को दो बार बढ़ाया गया था। नगर निगम ने इसके साथ 20 साल का एग्रीमेंट भी किया था। मामले के उजागर होने के बाद महापौर मालती राय की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
पूर्व निगम आयुक्त वीके कोशलानी, अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग और कार्यपालन यंत्री आरके त्रिवेदी की भी इस मामले में भूमिका रही। नगर निगम अध्यक्ष किसान सूर्यवंशी ने स्लॉटर हाउस की अनुमति का प्रस्ताव नगर निगम परिषद की बैठक में नहीं लाने पर सवाल उठाए थे।
यह मामला निगम प्रशासन और अधिकारियों की भूमिका की जांच का केंद्र बन गया है।



