भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
नेपाल में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार सुबह गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों में तबाही मचा दी। बाढ़ के कारण तीन पुल बह गए, जबकि कई घरों में पानी घुसने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। चुमनुब्री और धारचे ग्रामीण नगरपालिकाओं में बस्तियों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबर है। प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जलस्तर सामान्य होने तक नदी के करीब नहीं जाने की चेत
पहाड़ से गिरे मलबे ने बदला नदी का रास्ता
नेपाल पुलिस के मुताबिक, गोरखा जिले के चुमनुब्री-6 क्षेत्र में लोकपा और चुमलिंग के बीच पहाड़ से मिट्टी और पत्थर गिरने के कारण नदी का रास्ता अवरुद्ध हो गया था। इसके बाद अचानक आई बाढ़ ने आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित किया। नदी के तेज बहाव में पुलों और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचा।
अचानक आई इस बाढ़ से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने की सलाह दी है। बाढ़ का पानी कम होने और स्थिति सामान्य होने तक सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया है।
नेपाल में फिर ताजा हुई फ्लैश फ्लड की यादें
गोरखा में आई बाढ़ ने नेपाल में पहले हुई विनाशकारी बाढ़ की घटनाओं की यादें ताजा कर दी हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश, भूस्खलन और नदियों के प्रवाह में अचानक बदलाव के कारण फ्लैश फ्लड का खतरा बना रहता है। ऐसी घटनाओं में लोगों की जान के साथ-साथ घरों, सड़कों, पुलों और दूसरी जरूरी सुविधाओं को भी भारी नुकसान पहुंच सकता है।
हालांकि, गोरखा जिले में इस बार आई बाढ़ से जान-माल के नुकसान का सटीक आंकड़ा और प्रभावित लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ रहा प्राकृतिक आपदाओं का खतरा
नेपाल का भौगोलिक क्षेत्र पहाड़ों, संकरी घाटियों और तेज बहाव वाली नदियों से घिरा हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में भूस्खलन या मलबे के कारण नदी का रास्ता रुकने पर पानी अचानक जमा हो सकता है और अवरोध टूटने पर तेज बहाव के साथ नीचे की ओर बढ़ सकता है। इसे फ्लैश फ्लड का एक संभावित कारण माना जाता है।
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं के मद्देनजर नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए समय पर चेतावनी, सुरक्षित स्थानों तक पहुंच और आपदा प्रबंधन की तैयारियां बेहद महत्वपूर्ण हैं।
हिमालय पर बढ़ते खतरे का मुद्दा उठा चुके हैं नेपाल के प्रधानमंत्री
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिमालयी क्षेत्र पर बढ़ते खतरों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने अगस्त में आई बाढ़ के बाद सहायता के लिए भारत और चीन का आभार भी जताया था।
गोरखा जिले में बूढ़ी गंडकी नदी में आई ताजा बाढ़ ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की चुनौती को सामने ला दिया है। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।




