भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
भोपाल। मध्य प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ को लेकर सियासत गरमा गई है। उज्जैन से अयोध्या तक प्रस्तावित इस यात्रा पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने सवाल उठाते हुए दिग्विजय सिंह को मथुरा जाने की चुनौती दी है। वहीं, कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता ने पलटवार करते हुए भाजपा पर भगवान के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। दोनों दलों के नेताओं के बीच बयानबाजी से प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
रामेश्वर शर्मा बोले- सनातन के लिए नहीं, खिलाफ यात्रा निकाल रहे दिग्विजय
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने दिग्विजय सिंह की यात्रा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह यात्रा सनातन के समर्थन में नहीं, बल्कि उसके खिलाफ निकाली जा रही है। उन्होंने दिग्विजय सिंह को अयोध्या के बजाय मथुरा की यात्रा निकालने की चुनौती दी।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह को भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के समर्थन में आगे आना चाहिए। उन्होंने मथुरा में कारसेवा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि वहां ऐसा कोई अभियान चलता है, तो वे भी साथ आने के लिए तैयार हैं।
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह लगातार सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
कांग्रेस का पलटवार- भगवान के नाम पर राजनीति कर रही भाजपा
रामेश्वर शर्मा के बयान पर कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता ने पलटवार किया। उन्होंने भाजपा पर भगवान राम और भगवान कृष्ण के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
भूपेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले भगवान राम के नाम पर चुनावी लाभ लिया और अब भगवान कृष्ण के नाम पर राजनीति करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने धार्मिक स्थलों से जुड़े धन और व्यवस्थाओं को लेकर भी भाजपा पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जनता अब राजनीतिक दलों की ऐसी रणनीतियों को समझने लगी है। उनके मुताबिक, धार्मिक आस्था के नाम पर वोट मांगने से लोगों का समर्थन हासिल नहीं किया जा सकता।
उज्जैन से अयोध्या तक करीब 950 किलोमीटर की यात्रा
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उज्जैन से अयोध्या तक लगभग 950 किलोमीटर लंबी ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू की है। जानकारी के मुताबिक, करीब 70 दिनों तक चलने वाली इस पैदल यात्रा के माध्यम से मंदिरों में चढ़ावे और धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं।
यात्रा का उद्देश्य धार्मिक संस्थानों की व्यवस्थाओं और उनके संचालन से जुड़े सवालों को सार्वजनिक चर्चा में लाना बताया जा रहा है।
कांग्रेस ने बनाई दूरी, लेकिन कई नेता समर्थन में
इस यात्रा को लेकर कांग्रेस के भीतर भी अलग-अलग रुख देखने को मिल रहे हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर यात्रा से दूरी बनाए रखी है, जबकि पार्टी के कुछ नेता इसके समर्थन में बयान दे रहे हैं। यात्रा को कुछ संतों का समर्थन मिलने की बात भी सामने आई है।
दूसरी ओर, भाजपा इसे राजनीतिक और चुनावी रणनीति के तौर पर देख रही है। दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता सिंह ने यात्रा को ‘अधर्म पर धर्म की विजय’ के संकल्प से जोड़ा है।
धार्मिक मुद्दों पर बढ़ी सियासी बयानबाजी
‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक ओर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने दिग्विजय सिंह को मथुरा जाने की चुनौती दी है, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने भाजपा पर धार्मिक भावनाओं के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
अब देखना होगा कि यात्रा के आगे बढ़ने के साथ यह विवाद किस दिशा में जाता है और दोनों दलों के नेता आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर क्या रुख अपनाते हैं।



