भोपाल संवाददाता: रोशनी बिसेन
उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार तड़के ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर भगवान महाकाल की भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम शुरू हुआ और विशेष पूजन-अभिषेक के बाद बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया।
पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में विराजमान सभी देवी-देवताओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से अभिषेक किया गया। भांग, चंदन एवं विभिन्न आभूषणों से भगवान का मनोहारी श्रृंगार किया गया।
भस्म आरती से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया तथा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के उपरांत ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पमालाएं अर्पित कर अलंकृत किया गया।

भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर आशीर्वाद मांगा। इस दौरान “जय श्री महाकाल” के गगनभेदी जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।



