भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पदोन्नति को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। राज्य में जनवरी 2027 से प्रमोशन की प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू होने की तैयारी है। मुख्यमंत्री और राज्य शासन के निर्देशों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने संबंधित विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों को प्राथमिकता
सरकार का फोकस ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों पर है, जिनकी सेवानिवृत्ति में करीब एक से दो वर्ष का समय शेष है। शासन की मंशा है कि पात्र कर्मचारियों को कानूनी विवाद या विभागीय प्रक्रिया में देरी के कारण पदोन्नति से वंचित होकर सेवानिवृत्त न होना पड़े।
इसके लिए संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठकें आयोजित करने और लंबित प्रकरणों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
2016 से अटकी थी पदोन्नति प्रक्रिया
मध्य प्रदेश में वर्ष 2016 से पदोन्नति की प्रक्रिया कानूनी विवाद और पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े मामलों के चलते प्रभावित रही है। इसके कारण बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति लंबे समय से लंबित थी।
वर्ष 2026 में सरकार की ओर से पदोन्नति प्रक्रिया का पहला चरण शुरू किए जाने के बाद अब दूसरे चरण की तैयारियां की जा रही हैं। जनवरी 2027 से इस चरण में पात्र अधिकारियों-कर्मचारियों के लंबित प्रमोशन प्रकरणों पर आगे कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है।
इन पदों पर हो सकती है पदोन्नति
दूसरे चरण की प्रक्रिया में विभिन्न विभागों में पात्रता और नियमों के अनुसार अलग-अलग पदों पर पदोन्नति के अवसर बनेंगे। इनमें प्रमुख रूप से—
ग्रेड-2 से ग्रेड-1 के पद पर पदोन्नति।
ग्रेड-1 से सेक्शन ऑफिसर के पद पर प्रमोशन।
सेक्शन ऑफिसर से अपर सचिव के पद पर पदोन्नति।
अपर सचिव से डिप्टी सचिव के पद पर पदोन्नति।
पदोन्नति की प्रक्रिया संबंधित सेवा नियमों और विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।




