बीजापुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के केशकुतुल के जंगल में बुधवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। मुठभेड़ के बाद चलाए गए सघन तलाशी अभियान (सर्चिंग) में कुल 18 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं।
मुख्य बिंदु:
- बरामद शवों की संख्या: पहले 12 नक्सलियों के मारे जाने की खबर थी, लेकिन इलाके की सर्चिंग के बाद यह संख्या बढ़कर 18 हो गई है।
- पहचान प्रक्रिया जारी: बरामद किए गए सभी शवों की पहचान की जा रही है। बीजापुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) द्वारा पहचान सुनिश्चित होने के बाद ही नामों का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा।
- तलाशी अभियान: सुरक्षा बल अभी भी आसपास के जंगली और पहाड़ी इलाकों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं, ताकि अन्य नक्सलियों की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।
- शहीदों को श्रद्धांजलि: इस मुठभेड़ में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों के पार्थिव शरीर को भी बीजापुर लाया गया, जहां उन्हें सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
यह कार्रवाई बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों का एक साथ मारा जाना पुलिस और सुरक्षाबलों की प्रभावी रणनीति का परिणाम है।
बीजापुर जिले के केशकुतुल के जंगल में बुधवार को नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में बहादुरी से लड़ते हुए शहीद हुए जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन जवानों को गुरुवार को पुलिस लाइन शहीद वाटिका परिसर में भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।
इस माओवादी विरोधी अभियान के दौरान, DRG के तीन जांबाज जवानों—प्रधान आरक्षक मोनू मोहन बड़डी, आरक्षक दुकारू गोंडे, और जवान रमेश सोड़ी—ने देश सेवा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
बीजापुर-गंगालूर मार्ग पर स्थित पुलिस लाइन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने वीरगति प्राप्त हुए जवानों के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम सलामी दी। इस दौरान पूरा माहौल गमगीन हो गया।
अधिकारियों ने शहीदों की वीरता और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इन शहीदों का बलिदान छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में सुरक्षाबलों के संकल्प को और मजबूत करता है।



