भोपाल/गुवाहाटी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत का वस्त्र उद्योग विरासत के संरक्षण के साथ विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने टेक्सटाइल सेक्टर को रोजगारपरक औद्योगिक विकास की सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसका लाभ राज्य को केंद्र सरकार के सहयोग से लगातार मिल रहा है।
गुरुवार को गुवाहाटी में आयोजित वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जन्मदिवस पर धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया है। यह पार्क न केवल टेक्सटाइल उद्योग को नई ऊंचाई देगा, बल्कि भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के संकल्प को भी पूरा करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनेगा।
सम्मेलन की थीम “भारत का वस्त्र उद्योग– विकास, विरासत और नवाचार का ताना-बाना” रही। इस अवसर पर केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां कामाख्या की धरती असम से आज देश के वस्त्र उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सभी राज्यों में इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश संस्कृति, संसाधन और विरासत की दृष्टि से टेक्सटाइल उद्योग में अग्रणी है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई के समय से चंदेरी और महेश्वरी साड़ियों जैसी समृद्ध परंपरा राज्य की पहचान रही है। सरकार नर्मदापुरम में उच्च गुणवत्ता के मलबरी रेशम, ऑर्गेनिक कॉटन, मेनमेड फाइबर और टेक्निकल टेक्सटाइल को बढ़ावा दे रही है। टेक्सटाइल मिल, लूम और हैंडलूम से बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि खरगोन, बुधनी जैसे जनजातीय बहुल क्षेत्रों में भी टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है। बीते डेढ़ दशक में इस सेक्टर की वैल्यू चेन में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है, जिससे भविष्य में लाखों रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश नए संकल्पों के साथ विकास की उड़ान भरने को तैयार है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी घोषणा की कि जुलाई 2026 में होने वाले राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन में मध्यप्रदेश सरकार पार्टनर बनने को तैयार है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय वस्त्र मंत्री से आग्रह किया कि अगला राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में आयोजित किया जाए।



