भोपाल संवाददाता : रोशनी बिसेन
वाराणसी/हरिद्वार। गंगा दशहरा 2026 के अवसर पर देशभर में भक्ति और श्रद्धा का अनूठा दृश्य देखने को मिलेगा। Varanasi से लेकर हरिद्वार तक गंगा तटों पर लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए जुटेंगे। मान्यता है कि इस दिन माँ Ganga River में स्नान करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है।
सुबह से ही प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगेगी। काशी के दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट और मणिकर्णिका घाट पर विशेष गंगा आरती और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। वहीं हरिद्वार के हर की पौड़ी पर भक्त “हर-हर गंगे” के जयघोष के साथ आस्था की डुबकी लगाएंगे।
संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं के अनुसार गंगा दशहरा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक है। इस दिन दान-पुण्य, भजन-कीर्तन और दीपदान का विशेष महत्व माना जाता है। शाम के समय गंगा घाटों पर हजारों दीपों की रोशनी वातावरण को भक्तिमय बना देगी।
प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। घाटों पर सफाई, बैरिकेडिंग, मेडिकल कैंप और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
गंगा दशहरा के अवसर पर श्रद्धालुओं से गंगा स्वच्छता बनाए रखने की अपील भी की जा रही है। धार्मिक संगठनों का कहना है कि माँ गंगा की पवित्रता बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
इस वर्ष गंगा दशहरा पर काशी से हरिद्वार तक आस्था, भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा, जो भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की जीवंत झलक प्रस्तुत करेगा।



