भोपाल संवाददाता : रोशनी बिसेन
भोपाल, 29 मई 2026। मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग अंतर्गत वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित सदानीरा जल महोत्सव के तीसरे दिन भारत भवन में “प्रवाह फिल्म समारोह” के अंतर्गत जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता विषयक डॉक्यूमेंट्री फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर जल संरक्षण, नदी प्रदूषण और प्लास्टिक मुक्त वातावरण जैसे गंभीर विषयों पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम के दौरान ‘प्लास्टिक ओशियन’ और ‘गंगा रिवर’ नामक डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। ‘प्लास्टिक ओशियन’ में समुद्रों और नदियों में बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। फिल्म में विभिन्न देशों में हुए शोधों के माध्यम से बताया गया कि प्लास्टिक कचरा समुद्री जीवों, पक्षियों और पर्यावरण के लिए किस प्रकार गंभीर खतरा बनता जा रहा है। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई कि यदि प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग नहीं रोका गया तो वर्ष 2050 तक इसकी मात्रा तीन गुना तक बढ़ सकती है।
वहीं ‘गंगा रिवर’ डॉक्यूमेंट्री में भारत की पवित्र गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक महत्व को दर्शाया गया। फिल्म में गंगा के उद्गम से लेकर विभिन्न राज्यों में उसके प्रवाह, उससे जुड़ी आस्थाओं तथा बढ़ते प्रदूषण की चुनौतियों को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। इसके साथ ही ‘नमामि गंगे’ सहित केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से नदी संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी गई।
फिल्म प्रदर्शन के बाद युवाओं ने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। छात्रा उत्तरा द्विवेदी ने कहा कि इन फिल्मों के माध्यम से उन्हें जल संरक्षण का महत्व और अधिक गहराई से समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि पानी का सही उपयोग करना और जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

अभिषेक अहिरवार ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री देखने के बाद उन्हें प्लास्टिक प्रदूषण की गंभीरता का एहसास हुआ। लोग प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग कर उसे खुले में फेंक देते हैं, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने युवाओं से इस विषय पर अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय सेवा यात्रा से जुड़ी अदिति ने कहा कि ऐसी डॉक्यूमेंट्री केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि लोगों को सकारात्मक कार्रवाई के लिए प्रेरित भी करती हैं। उन्होंने बताया कि एनएसएस द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और रक्तदान जैसे अभियानों के साथ जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त वातावरण का संदेश भी प्रभावी रूप से जोड़ा जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति जागरूक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



