भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने ट्रांसफर पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। इसके बाद प्रदेश में 1 जून से 15 जून तक अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए जा सकेंगे। लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए इसे बड़ी राहत माना जा रहा है।
कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्री चैतन्य कश्यप ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि नई ट्रांसफर नीति में पारदर्शिता और ऑनलाइन प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया है।
विभागों में तय हुई ट्रांसफर सीमा
सरकार की नई नीति के अनुसार विभागों में कर्मचारियों की संख्या के आधार पर तबादलों की सीमा तय की गई है।
- 200 कर्मचारियों तक वाले विभागों में अधिकतम 20 प्रतिशत तबादले होंगे।
- 1000 कर्मचारियों तक 15 प्रतिशत तबादले किए जा सकेंगे।
- 2000 कर्मचारियों तक 10 प्रतिशत तबादले होंगे।
- 2000 से अधिक कर्मचारियों वाले विभागों में अधिकतम 5 प्रतिशत तबादले की अनुमति रहेगी।
पीएम मोदी को सम्मान मिलने पर दी बधाई
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नॉर्वे और स्वीडन से मिले सम्मान पर शुभकामनाएं दीं। मंत्री कश्यप ने बताया कि हाल ही में कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इंडो-फ्रांस कॉन्क्लेव में कई बड़ी कंपनियों ने मध्य प्रदेश में निवेश की इच्छा जताई है।
इसके अलावा निगम-मंडलों के नवनियुक्त पदाधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि उन्हें जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली की जानकारी मिल सके।
नक्सल प्रभावित जिलों के विकास पर फोकस
मंत्री कश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हाल ही में छत्तीसगढ़ के जगदलपुर दौरे पर गए थे, जहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की बैठक में नक्सल प्रभावित जिलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नई योजना तैयार करने पर चर्चा हुई।
भोजशाला में सरस्वती लोक बनाने पर विचार
धार स्थित भोजशाला मंदिर को लेकर मंत्री कश्यप ने कहा कि मां वागदेवी की प्रतिमा को वापस लाने के प्रयास केंद्र सरकार के माध्यम से किए जाएंगे। साथ ही भोजशाला परिसर में “सरस्वती लोक” विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
कैबिनेट बैठक में करीब 30 हजार करोड़ रुपये के निरंतर विकास कार्यों को भी मंजूरी दी गई।



