भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
नई दिल्ली: भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित दो दिवसीय 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन हो गया। सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओपन सेशन को संबोधित करते हुए वैश्विक विकास, नवाचार, सतत विकास और भविष्य की चुनौतियों पर भारत का दृष्टिकोण सामने रखा।
ओपन सेशन का थीम “रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इनक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ” रखा गया। पीएम मोदी ने कहा कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। ऐसे में BRICS देशों के बीच लचीलापन बढ़ाने और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
प्रकृति को मां का दर्जा देती है भारतीय संस्कृति
प्रधानमंत्री मोदी ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को मां का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि भारत की मान्यता रही है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विकल्प नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं।
उन्होंने BRICS देशों से सतत और समावेशी विकास के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक और नवाचार का इस्तेमाल पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास को गति देने के लिए किया जाना चाहिए।
MSME के लिए BRICS सहयोग पोर्टल की पहल
पीएम मोदी ने छोटे और मध्यम उद्यमों को वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में भारत की पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छोटे उद्यमों को नॉलेज, फाइनेंस और नए बाजारों से जोड़ने के लिए BRICS MSME कोऑपरेशन पोर्टल की पहल की गई है। इससे छोटे कारोबारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और नए अवसर हासिल करने में मदद मिल सकती है।
कृषि में डिजिटल तकनीक और AI पर जोर
प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि डिजिटल कृषि पर आधारित BRICS नेटवर्क नए अवसर पैदा कर सकता है। उन्होंने AI और जियोस्पेशियल तकनीक को किसानों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने की जरूरत बताई।
पीएम मोदी के मुताबिक, आधुनिक तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल से कृषि क्षेत्र को अधिक सक्षम, टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार बनाया जा सकता है।
एक मंच पर जुटे BRICS देशों के शीर्ष नेता
भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में BRICS देशों के शीर्ष नेताओं के साथ कई विशेष आमंत्रित राष्ट्राध्यक्ष भी शामिल हुए। सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित दक्षिण अफ्रीका, ईरान और मिस्र के राष्ट्राध्यक्षों ने हिस्सा लिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि BRICS की बढ़ती ताकत, आकर्षण और वैश्विक विश्वास इस बात का प्रमाण है कि यह मंच अलग-अलग महाद्वीपों, संस्कृतियों और विकास यात्राओं को एक साथ जोड़ रहा है। सम्मेलन के दौरान वैश्विक चुनौतियों से निपटने, नवाचार को बढ़ावा देने और समावेशी विकास के लिए सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया गया।




