भोपाल संवाददाता:रोशनी बिसेन
उज्जैन। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में नागपंचमी पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट परंपरा के अनुसार मध्यरात्रि 12 बजे खोल दिए गए। इसके बाद विशेष पूजन-अर्चन के साथ श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हुए। मंदिर में दर्शन का क्रम अगले 24 घंटे तक जारी रहेगा।
नागपंचमी के साथ सावन सोमवार का संयोग होने से इस बार उज्जैन में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ गई है। भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के साथ बाबा महाकाल के दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं। शहर के प्रमुख शिवालयों में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
साल में एक बार खुलता है मंदिर
महाकाल मंदिर के शिखर पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर का मंदिर वर्ष में केवल एक बार नागपंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इसी वजह से यहां दर्शन को लेकर भक्तों में विशेष आस्था और उत्साह रहता है। मंदिर के पट खुलने से पहले ही श्रद्धालु कतारों में पहुंचने लगे थे।
नाग पर विराजमान शिव-पार्वती की दुर्लभ प्रतिमा
नागचंद्रेश्वर मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती की नाग की शय्या पर विराजमान अति प्राचीन और दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है। प्रतिमा में भगवान गणेश और कार्तिकेय भी विराजमान हैं। इसे परमारकालीन, करीब 11वीं शताब्दी की प्रतिमा बताया जाता है। मान्यता है कि भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन और पूजन से शिव-पार्वती की कृपा प्राप्त होती है तथा सर्प भय से मुक्ति मिलती है।
श्रद्धालुओं के लिए किए गए विशेष इंतजाम
नागपंचमी पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस और सुरक्षाकर्मी भीड़ नियंत्रण के साथ श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने में जुटे हैं।
नागपंचमी के अवसर पर श्रद्धालु नाग देवता की पूजा-अर्चना कर दूध अर्पित करते हैं। उज्जैन में भी भक्त भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना कर रहे हैं। मंदिर के पट खुलने के साथ ही उज्जैन में नागपंचमी की धार्मिक गतिविधियों ने पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया है।




