
जरूरी खबर: रोजाना 25 ग्राम फाइबर खाना जरूरी, जानें इसके 7 हेल्थ बेनिफिट्स और फाइबर से भरपूर 15 सब्जियां
नई दिल्ली: अमेरिकन डाइटरी गाइडलाइंस के अनुसार, हर एडल्ट महिला को रोजाना 25 ग्राम और पुरुष को 35 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है। फाइबर मुख्य रूप से फलों और सब्जियों में मिलता है, लेकिन कुछ सब्जियों में यह खासकर अधिक मात्रा में पाया जाता है। जड़ों वाली सब्जियां जैसे गाजर, चुकंदर, शकरकंद, इसके बेहतरीन स्रोत हैं। इसके अलावा ब्रॉकली, फूलगोभी और करेले में भी फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है।
फाइबर एक प्रकार का नॉन-डाइजेस्टेबल कार्बोहाइड्रेट है, जिसे शरीर पूरी तरह से पचा नहीं पाता। बावजूद इसके, यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।
फाइबर क्यों जरूरी है?
सॉल्युबल फाइबर: पानी में घुलकर अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है।
इनसॉल्युबल फाइबर: पेट को साफ रखता है और कब्ज से बचाता है।
भूख को लंबे समय तक नियंत्रित करता है, जिससे अनावश्यक स्नैक्स की क्रेविंग कम होती है।
वजन नियंत्रण में मदद करता है।
ऊर्जा स्तर बनाए रखता है।
स्किन को चमकदार बनाता है।
डायबिटीज और हार्ट प्रॉब्लम्स का जोखिम कम करता है।
फोकस बढ़ाता है और इम्यूनिटी मजबूत करता है।
फाइबर की कमी के संकेत
फाइबर बढ़ाने के उपाय
जड़ों वाली सब्जियों का सेवन बढ़ाएं (गाजर, चुकंदर, शकरकंद)
ब्रॉकली, फूलगोभी, करेले जैसी सब्जियों को डाइट में शामिल करें
प्रोसेस्ड और फास्ट फूड कम खाएं
एक्सपर्ट शिल्पी गोयल, डाइटीशियन, छत्तीसगढ़ के अनुसार, फाइबर बच्चों की ग्रोथ, इम्यूनिटी और वेट कंट्रोल के लिए भी

जरूरी खबर: फाइबर का सेवन जरूरी, जानें कितनी मात्रा चाहिए, कौन सी सब्जियां हैं बेहतरीन और किन परिस्थितियों में सावधान रहें
नई दिल्ली: स्वस्थ रहने के लिए फाइबर का पर्याप्त मात्रा में सेवन करना बेहद जरूरी है। अमेरिकन डाइटरी गाइडलाइंस के अनुसार, हर महिला को रोजाना 25 ग्राम और पुरुष को 35 ग्राम फाइबर की आवश्यकता होती है। बच्चों और टीनएजर्स के लिए यह मात्रा उम्र के अनुसार बदलती है। बच्चों के लिए ‘एज+5’ नियम के मुताबिक उनकी उम्र में 5 ग्राम जोड़कर फाइबर की जरूरत तय होती है। उदाहरण के लिए, 8 साल के बच्चे को रोजाना 13 ग्राम फाइबर चाहिए।
फाइबर क्या है और क्यों जरूरी है?
फाइबर एक प्रकार का नॉन-डाइजेस्टेबल कार्बोहाइड्रेट है, जिसे शरीर पचा नहीं सकता, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए जरूरी है।
फाइबर खाने से:
पेट लंबे समय तक भरा रहता है
बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है
ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है
वजन नियंत्रित रहता है
हड्डियां मजबूत रहती हैं
हृदय स्वस्थ रहता है
फोकस बढ़ता है और इम्यूनिटी मजबूत होती है

फाइबर से भरपूर सब्जियां और अन्य स्रोत
सब्जियां फाइबर का सबसे अच्छा स्रोत हैं। कुछ प्रमुख सब्जियां:
गाजर, चुकंदर, शकरकंद
ब्रॉकली, फूलगोभी, करेले
प्याज, शलजम के पत्ते
अन्य स्रोत:
टिप: कुछ सब्जियों के छिलके भी फाइबर का महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं, जैसे आलू और बैंगन।
फाइबर की कमी के संकेत
यदि डाइट से पर्याप्त फाइबर न मिल रहा हो, तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लिया जा सकता है।
सावधानियां और नुकसान
अचानक फाइबर बढ़ाने से गैस, कब्ज या डायरिया हो सकता है
पर्याप्त पानी पीना जरूरी है
पाचन तंत्र कमजोर या ईरिटेबल बाउल सिंड्रोम, गॉल ब्लैडर ऑपरेशन या बाइल प्रॉडक्शन की समस्या होने पर फाइबर सीमित करना चाहिए
बच्चों में फाइबर बढ़ाने के उपाय
सही समय और तरीका
फाइबर रिच फूड दिन के किसी भी समय खाया जा सकता है, लेकिन सुबह या दोपहर के भोजन में इसे शामिल करना बेहतर है। रात में ज्यादा फाइबर लेने से पाचन धीमा हो सकता है।
फाइबर युक्त आहार न केवल स्वास्थ्य बनाए रखता है, बल्कि वजन नियंत्रित, हृदय स्वस्थ और पेट साफ रखने में मदद करता है। इसलिए इसे रोजाना डाइट में शामिल करना बेहद जरूरी है।