“प्रधानमंत्री मोदी की विकास दृष्टि से हर वर्ग को सशक्तीकरण की नई ताकत, और वैश्विक मंचों पर भारत की प्रतिष्ठा लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रही है—एक नए आत्मविश्वासी भारत का उदय!”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने महिला, किसान, युवा और गरीब समेत समाज के हर वर्ग के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए कई व्यापक रोडमैप और पहल की शुरुआत की है [2]।
इस दिशा में शुरू की गई कुछ प्रमुख योजनाएं और प्रयास निम्नलिखित हैं:
- महिलाओं के लिए:
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ (Beti Bachao, Beti Padhao): यह योजना कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने पर केंद्रित है [2]।
- उज्ज्वला योजना (Ujjwala Yojana): इसके तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार हुआ है [2]।
- मातृ वंदना योजना (Matru Vandana Yojana): गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है [2]।
- किसानों के लिए:
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN): इसके तहत किसानों को प्रत्यक्ष आय सहायता प्रदान की जाती है [2]।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY): यह योजना किसानों को फसल के नुकसान से सुरक्षा प्रदान करती है [2]।
- e-NAM (राष्ट्रीय कृषि बाजार): किसानों को अपनी उपज ऑनलाइन बेचने के लिए एक राष्ट्रव्यापी इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल उपलब्ध कराया गया है, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य मिल सके [2]।
- युवाओं के लिए:
- कौशल विकास योजना (Skill India Mission): युवाओं को रोजगार के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है [2]।
- मुद्रा योजना (Mudra Yojana): युवाओं और छोटे उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए संपार्श्विक-मुक्त ऋण (collateral-free loans) प्रदान किए जाते हैं [2]।
- स्टार्टअप इंडिया (Startup India): देश में उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाया गया है [2]।
- गरीबों के लिए:
- प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY): शहरी और ग्रामीण गरीबों को किफायती आवास प्रदान करने का लक्ष्य है [2]।
- आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat): यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है, जो कमजोर परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करती है [2]।
- जन धन योजना (Jan Dhan Yojana): वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने के लिए सभी परिवारों के लिए बैंक खाते खोले गए [2]।
ये पहलें भारत के समावेशी विकास (inclusive growth) के दृष्टिकोण को दर्शाती हैं, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश की प्रगति का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचे



