बालाघाट में माओवादी मुठभेड़ में शहीद हुए इंस्पेक्टर आशीष शर्मा को गुरुवार को उनके गृहग्राम बोहानी (जिला नरसिंहपुर) में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। हजारों लोगों की मौजूदगी में परिजनों ने शहीद की पार्थिव देह को मुखाग्नि दी।
अंतिम संस्कार के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल स्वयं मौजूद रहे और शहीद को कंधा देकर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। यह क्षण गांव और पूरे प्रदेश के लिए गर्व और भावनाओं से भरा हुआ था।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के छोटे भाई को सभी नियमों में शिथिलता देते हुए सब-इंस्पेक्टर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री की यह घोषणा शहीद परिवार के प्रति सम्मान और सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है।
गांव का वातावरण “आशीष शर्मा अमर रहें” के नारों से गूंज उठा, और लोगों ने नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
शहीद का पार्थिव शरीर दोपहर को जब बोहानी पहुंचा, तो गांव ने अपने वीर सपूत का सम्मान करते हुए गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अंतिम यात्रा जब मुक्तिधाम के लिए निकली, तो घरों की छतों पर खड़े लोगों ने उन पर फूलों की बारिश की।
इस भावुक क्षण का हिस्सा बनने के लिए 5000 से अधिक लोग शामिल हुए और “भारत माता की जय” तथा “आशीष शर्मा अमर रहें” के नारे लगातार गूंजते रहे।
अंतिम संस्कार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल के साथ-साथ कैबिनेट मंत्री उदय प्रताप सिंह, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद रहे। सभी ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को याद किया।
कैसे हुए शहीद
एंटी नक्सल ऑपरेशन डीजी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्र बोर तालाब के पास संयुक्त ऑपरेशन चलाया था। इसी दौरान नक्सलियों से मुठभेड़ में तीनों टीमों को लीड कर रहे इंस्पेक्टर आशीष शर्मा गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुए और वीरगति को प्राप्त हो गए।
शौर्य और उपलब्धियों से भरा रहा करियर
इंस्पेक्टर आशीष शर्मा का पुलिस करियर साहस और अदम्य जज्बे की मिसाल रहा—
2016 में मध्यप्रदेश पुलिस में भर्ती।
2018 में हॉक फोर्स, बालाघाट में पदस्थापना।
18 दिसंबर 2022: 14 लाख के इनामी नक्सली गोडी का खात्मा।
22 अप्रैल 2023: 28 लाख की इनामी एसीएम सुनीता और सरिता को ढेर किया।
वीरता के चलते 21 फरवरी 2023 को उपनिरीक्षक से निरीक्षक पद पर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन मिला।
19 फरवरी 2025: रौंदा टोला मुठभेड़ में 62 लाख की इनामी नक्सली कमांडर आशा सहित चार नक्सलियों का सफाया, जो उनका अंतिम शौर्य साबित हुआ।
प्रदेश ने झुककर सलाम किया
सरकार ने शहीद के परिवार के लिए कई घोषणाएँ की हैं—
एक करोड़ रुपये की सम्मान निधि।
छोटे भाई को सब-इंस्पेक्टर पद पर नियुक्ति।
गांव में शहीद के नाम पर पार्क और स्टेडियम का निर्माण।
इंस्पेक्टर आशीष शर्मा का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। उनके साहस, समर्पण और देशभक्ति को सदैव नमन।




