पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। दूसरे चरण की वोटिंग से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की एक अहम बैठक ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
अमित शाह की इस बैठक को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने बड़ा दावा किया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद Derek O’Brien ने आरोप लगाया कि इस बैठक में Central Bureau of Investigation (CBI), Enforcement Directorate (ED) और National Investigation Agency (NIA) के प्रमुखों को शामिल किया जा सकता है।
टीएमसी का कहना है कि “विश्वसनीय सूत्रों” के आधार पर यह जानकारी मिली है और अगले पांच दिनों में राज्य में कोई बड़ा घटनाक्रम हो सकता है। पार्टी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इशारे पर बंगाल में सियासी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
डेरेक ओ’ब्रायन ने यह भी संकेत दिया कि संभावित गतिविधियां दक्षिण बंगाल के प्रमुख इलाकों—कोलकाता, हावड़ा, हुगली और उत्तर व दक्षिण 24 परगना—में हो सकती हैं, जहां भाजपा की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती है।
दूसरी ओर, Narendra Modi और अमित शाह समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता राज्य में लगातार रैलियां कर रहे हैं और पार्टी की जीत का दावा कर रहे हैं। शाह खुद भी अपने भाषणों में आत्मविश्वास के साथ बीजेपी की सरकार बनने की बात कह चुके हैं।
गौरतलब है कि अमित शाह 27 अप्रैल तक Kolkata में रहकर चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। पहले चरण के लिए 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होना है, जबकि दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी। चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
इस बीच, आरोप-प्रत्यारोप के बीच बंगाल की सियासत और भी गरमा गई है और सभी की नजरें अब आने वाले दिनों पर टिकी हैं।



