नए साल पर वैष्णो देवी यात्रा के नियम बदले, श्रद्धालुओं के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी
नए साल के अवसर पर जम्मू के रियासी जिले में स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा नियमों में अहम बदलाव किए हैं। भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आपात स्थिति में बेहतर प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए चढ़ाई और उतराई—दोनों के लिए नए सख्त दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।
श्राइन बोर्ड के अनुसार, नए दिशानिर्देशों का मुख्य उद्देश्य भवन क्षेत्र में भीड़भाड़ रोकना, दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना, मंदिर ट्रैक पर बेहतर भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देना है।
नए नियमों के तहत श्रद्धालुओं को रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन कार्ड (RFIDC) मिलने के 10 घंटे के भीतर यात्रा शुरू करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही दर्शन के बाद 24 घंटे के अंदर कटरा बेस कैंप लौटना भी जरूरी किया गया है।
श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले नए नियमों की पूरी जानकारी लें और निर्धारित समय-सीमा का पालन करें, ताकि सभी भक्त सुरक्षित और सुगम रूप से माता के दर्शन कर सकें।
वैष्णो देवी यात्रा के नियम सख्त, RFIDC के 10 घंटे में चढ़ाई और 24 घंटे में कटरा वापसी अनिवार्य
नए साल के मद्देनज़र माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा नियमों में सख्ती कर दी है। संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत श्रद्धालुओं को रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन कार्ड (RFIDC) प्राप्त करने के 10 घंटे के भीतर यात्रा शुरू करनी होगी, जबकि दर्शन के बाद अधिकतम 24 घंटे के अंदर कटरा बेस कैंप लौटना अनिवार्य होगा। ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
श्राइन बोर्ड के अनुसार, इन नियमों का उद्देश्य भवन क्षेत्र में भीड़ को नियंत्रित करना, दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना और आपात स्थिति में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
कटरा से माता वैष्णो देवी भवन की दूरी लगभग 13 किलोमीटर है। श्रद्धालु यह यात्रा पैदल, घोड़े, पिट्ठू, बैटरी कार या हेलीकॉप्टर से कर सकते हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति को पैदल चढ़ाई में आमतौर पर 6 से 8 घंटे लगते हैं, जबकि उतराई में भी लगभग इतना ही समय लगता है।
कैसे पहुंचें कटरा
रेल मार्ग:
जम्मू तवी रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा है। यहां से कटरा की दूरी करीब 50 किलोमीटर है, जिसे बस या टैक्सी से लगभग डेढ़ घंटे में तय किया जा सकता है।
हवाई मार्ग:
जम्मू एयरपोर्ट से कटरा की दूरी करीब 70 किमी और श्रीनगर एयरपोर्ट से लगभग 200 किमी है। दोनों स्थानों से बस या टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है।
सड़क मार्ग:
जम्मू और पठानकोट से कटरा के लिए नियमित बसें और निजी टैक्सियां चलती हैं। कटरा पहुंचने के बाद श्रद्धालु विभिन्न साधनों से भवन तक यात्रा कर सकते हैं।
श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा से पहले नए नियमों की जानकारी जरूर लें और तय समय-सीमा का पालन करें, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे।
वैष्णो देवी यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, नए नियमों से श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
नए साल पर माता वैष्णो देवी मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा व्यवस्था को और सख्त व सुव्यवस्थित कर दिया है। अब यात्रा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है, जिसे श्रद्धालु श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पूरा कर सकते हैं।
श्राइन बोर्ड के अनुसार, नए नियमों का मुख्य उद्देश्य भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाना और यात्रा को सुरक्षित करना है। इससे मंदिर ट्रैक पर जाम की स्थिति कम होगी और किसी भी आपात परिस्थिति—जैसे बीमारी या खराब मौसम—में राहत एवं रेस्क्यू कार्य आसान हो सकेगा। साथ ही, लंबे समय तक ट्रैक पर रुकने से होने वाली ठंड और बीमारी का खतरा भी घटेगा।
बोर्ड का कहना है कि नई व्यवस्था से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में भी इजाफा होगा। दर्शन प्रक्रिया तेज होगी, कतारें छोटी होंगी और श्रद्धालुओं को कम समय में माता के दर्शन का अवसर मिलेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कटरा रेलवे स्टेशन स्थित पंजीकरण केंद्र को रात 12 बजे तक खोल दिया गया है, ताकि देर रात पहुंचने वाले यात्री भी आसानी से रजिस्ट्रेशन करा सकें।
श्राइन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को परेशान करना नहीं, बल्कि नववर्ष के दौरान बढ़ती भीड़ के बीच सभी के लिए सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करना है।



