Dainik KunjDainik KunjDainik Kunj
Notification Show More
Font ResizerAa
  • Home
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ख़बरें
    राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ख़बरेंShow More
    ₹2,000 से ज्यादा UPI ट्रांजैक्शन पर MDR का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, मर्चेंट पेमेंट शुल्क को चुनौती
    September 16, 2026
    ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी का संदेश: प्रकृति हमारी मां, विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक
    September 13, 2026
    BRICS Summit 2026: ईरान-UAE तनाव के बीच साझा घोषणापत्र पर सहमति, भारत की कूटनीति का बड़ा असर
    September 12, 2026
    Apple Event में बिखरी नई टेक्नोलॉजी की चमक, फोल्डेबल iPhone Duo समेत ये 5 चीजें हुईं लॉन्च
    September 10, 2026
    मोहन भागवत का ब्रिटेन दौरा: लंदन के ऐतिहासिक गुरुद्वारे में टेका मत्था, सिख समुदाय से की बातचीत; बोले- एकता के लिए एकरूपता जरूरी नहीं
    September 7, 2026
  • मध्य प्रदेश
    मध्य प्रदेशShow More
    सेवा संकल्प अभियान का आगाज: नितिन नवीन और CM मोहन यादव ने किया शुभारंभ, ‘स्वामित्व अधिकार योजना’ में 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री
    September 17, 2026
    MP में आदिवासी बच्चों की मौत पर बिफरे राहुल गांधी, सरकार को घेरा— ‘उत्सव में व्यस्त है प्रशासन, मध्य प्रदेश में देश की सबसे भ्रष्ट सरकार’
    September 17, 2026
    ‘चिता आंदोलन’ के बीच जली असली चिता: केन-बेतवा परियोजना के विरोध में प्रदर्शन कर रही वृद्ध महिला की मौत
    September 17, 2026
    PM मोदी के 25 साल पूरे होने पर MP में ‘सेवा संकल्प अभियान’, आज उज्जैन में दीप जलाएंगे बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन
    September 17, 2026
    MP सरकार का बड़ा तोहफा: 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री, जानें किसे और कैसे मिलेगा लाभ
    September 16, 2026
  • राज्यवार ख़बरें
    • छत्तीसगढ़
    • बिहार
  • संभागवार ख़बरें
    • भोपाल
    • इंदौर
    • जबलपुर
    • ग्वालियर
    • उज्जैन
    • चंबल
    • नर्मदापुरम
    • रीवा
    • शहडोल
    • सागर
  • विविध ख़बरें
    • अपराध (जुर्म)
    • कैरियर्स ( जॉब )
    • जनमंच
    • जीवन मंत्र
    • सुरक्षा
    • धर्म-आध्यात्म
      • त्योहार और परंपराएँ
      • त्योहार और विशेष दिन
      • धर्म और आस्था
      • धार्मिक त्योहार
      • धार्मिक स्थल
  • ई-पेपर
    • अरण्य पत्रिका ई-पेपर
    • दैनिक कुंज ई-पेपर
  • संपर्क करें
Reading: संसद पर आतंकी हमले के 24 साल: पीएम मोदी और राहुल गांधी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि
Share
Font ResizerAa
Dainik KunjDainik Kunj
  • Home
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ख़बरें
  • मध्य प्रदेश
  • राज्यवार ख़बरें
  • संभागवार ख़बरें
  • विविध ख़बरें
  • ई-पेपर
  • संपर्क करें
Search
  • Home
  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ख़बरें
  • मध्य प्रदेश
  • राज्यवार ख़बरें
    • छत्तीसगढ़
    • बिहार
  • संभागवार ख़बरें
    • भोपाल
    • इंदौर
    • जबलपुर
    • ग्वालियर
    • उज्जैन
    • चंबल
    • नर्मदापुरम
    • रीवा
    • शहडोल
    • सागर
  • विविध ख़बरें
    • अपराध (जुर्म)
    • कैरियर्स ( जॉब )
    • जनमंच
    • जीवन मंत्र
    • सुरक्षा
    • धर्म-आध्यात्म
  • ई-पेपर
    • अरण्य पत्रिका ई-पेपर
    • दैनिक कुंज ई-पेपर
  • संपर्क करें
Follow US

© 2026 DainikKunj.Com. All rights reserved. Design by SBS India

Dainik Kunj > Latest Posts > राष्ट्रीय ख़बरें > संसद पर आतंकी हमले के 24 साल: पीएम मोदी और राहुल गांधी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय ख़बरें

संसद पर आतंकी हमले के 24 साल: पीएम मोदी और राहुल गांधी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

Roshni Bisen
Roshni Bisen
Roshni Bisen - Editor dainikkunj.com
ByRoshni Bisen
रोशनी बिसेन dainikkunj.com की संपादक हैं, जो निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित हैं।
Follow:
Published: December 13, 2025
Share
SHARE
नई दिल्ली: साल 2001, तारीख 13 दिसंबर। राष्ट्रीय राजधानी में कड़ाके की ठंड थी और भारतीय संसद में शीतकालीन सत्र अपने चरम पर था। सदन के भीतर ‘महिला आरक्षण बिल’ पर जोरदार हंगामा चल रहा था। उस वक्त, किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि चंद मिनटों में भारत के लोकतंत्र के केंद्र पर ऐसा नृशंस आतंकी हमला होगा, जो पूरे देश को झकझोर कर रख देगा।
दोपहर करीब 11 बजकर 40 मिनट पर, पांच आतंकवादियों ने, जो संसद परिसर में एक एंबेसडर कार में फर्जी स्टिकर लगाकर दाखिल हुए थे, इस कायराना हमले को अंजाम दिया। अंधाधुंध गोलीबारी और ग्रेनेड धमाकों से परिसर थर्रा उठा।
इस हमले का उद्देश्य सांसदों और मंत्रियों को बंधक बनाना या उन्हें मारना था, लेकिन हमारे बहादुर सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान की बाजी लगाकर उनके मंसूबों को नाकाम कर दिया। सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच करीब 30 मिनट तक भीषण मुठभेड़ चली।
इस हमले में दिल्ली पुलिस के पांच जवान, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक महिला कांस्टेबल और संसद के दो सुरक्षागार्ड शहीद हो गए। इसके अलावा, एक माली ने भी अपनी जान गंवाई। सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में सभी पांचों आतंकवादी मार गिराए गए।
यह दिन भारतीय इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है, जो हमें हमारे सुरक्षाबलों के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की सर्वोच्च विधायी संस्था की गरिमा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। हर साल, राष्ट्र इन शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

इस अवसर पर, नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित किए और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति उनकी सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
उत्तर प्रदेश में भी इस मौके पर शहीदों को याद किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, “2001 में संसद भवन पर हुए कायराना आतंकी हमले में देश की रक्षा हेतु अपने प्राण न्योछावर करने वाले सभी वीर सुरक्षाकर्मियों को विनम्र श्रद्धांजलि। उनका यह सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र द्वारा हमेशा याद रखा जाएगा।”
यह बरसी हर साल देश को लोकतंत्र के मंदिर पर हुए हमले की याद दिलाती है और सुरक्षाकर्मियों के अदम्य साहस और बलिदान को रेखांकित करती है।
13 दिसंबर 2001 का वह दिन, जब भारत के लोकतंत्र का मंदिर चंद मिनटों में युद्धक्षेत्र में तब्दील हो गया। सुबह करीब 11.30 बजे, संसद भवन के गेट नंबर 12 से एक सफेद एंबेसडर कार ने प्रवेश किया। कार पर लगे फर्जी स्टिकर ने शुरुआत में सुरक्षाकर्मियों को गच्चा दे दिया, लेकिन उनके प्रवेश करते ही सुरक्षाकर्मियों को कुछ शक हुआ और वे फौरन कार के पीछे दौड़े।
इससे पहले कि सुरक्षाकर्मी कुछ समझ पाते, वह कार परिसर में खड़े उपराष्ट्रपति की आधिकारिक गाड़ी से जा टकराई। टक्कर होते ही कार में सवार पांचों आतंकवादियों ने बाहर निकलकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
आतंकियों के पास एके-47 राइफलें, ग्रेनेड और अन्य अत्याधुनिक हथियार थे। देखते ही देखते, गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा संसद परिसर गूंज उठा। अचानक हुए इस हमले से संसद के भीतर और बाहर भारी अफरातफरी मच गई। उस वक्त सदन की कार्यवाही चल रही थी और कई वरिष्ठ मंत्री व सांसद परिसर में मौजूद थे।
हमले की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत अलर्ट जारी किया और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की विशेष बटालियन ने मोर्चा संभाल लिया। सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मोर्चा लिया और आतंकियों को संसद के मुख्य भवन में प्रवेश करने से रोक दिया। करीब 30 से 45 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़ के बाद, सभी पांचों आतंकवादियों को मार गिराया गया, लेकिन इस दौरान नौ सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए।
इस हमले ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे और भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था।
सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे संसद भवन को सील कर दिया। अंदर मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और बाहर न निकलने के निर्देश दिए गए। यह फैसला किसी बड़े नुकसान को टालने के लिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि आतंकियों का मुख्य उद्देश्य अंदर घुसकर नेताओं को बंधक बनाना या उन्हें मारना था।
सुरक्षाबलों की त्वरित कार्रवाई और खात्मा:
आतंकवादी, जो अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे, मुख्य भवन में घुसने की फिराक में थे।
  1. एक आतंकी ने गेट नंबर 1 के रास्ते सदन में घुसने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने उसे वहीं ढेर कर दिया।
  2. इसके बाद, बाकी चार आतंकी गेट नंबर 4 की तरफ बढ़े। वहां भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें तीन आतंकियों को मार गिराया गया।
  3. आखिरी बचा आतंकी गेट नंबर 5 की ओर भागा, लेकिन वह भी कुछ ही मिनटों में सुरक्षा बलों की गोलियों का शिकार हो गया।
आतंकियों को खत्म करने के लिए यह ऑपरेशन सुबह 11:30 बजे शुरू हुआ था और शाम करीब 4 बजे तक चला। देश के जांबाज सुरक्षाकर्मियों की अदम्य बहादुरी, सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के कारण उस दिन एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। सुरक्षाबलों ने अपनी जान की बाजी लगाकर लोकतंत्र के मंदिर की गरिमा और सुरक्षा को बनाए रखा।
कानूनी लड़ाई और सजा:
मामले की सुनवाई चली और निचली अदालत से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक कानूनी जंग लड़ी गई। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद, सर्वोच्च न्यायालय ने एस.ए.आर. गिलानी और अफशान गुरु को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
हालांकि, मुख्य आरोपी अफजल गुरु के खिलाफ आरोप सिद्ध हुए। उसे संसद हमले की साजिश रचने और सहायता करने का दोषी पाया गया और मौत की सजा सुनाई गई। वहीं, शौकत हुसैन की मौत की सजा को घटाकर 10 साल के कठोर कारावास में बदल दिया गया।
9 फरवरी 2013 को अफजल गुरु को फांसी:
कई अपीलों और दया याचिकाओं के खारिज होने के बाद, अंततः 9 फरवरी 2013 को सुबह 8 बजे दिल्ली की तिहाड़ जेल में अफजल गुरु को फांसी दे दी गई। इस तरह, लोकतंत्र के मंदिर पर हमला करने वाले मुख्य साजिशकर्ता को उसके किए की सजा मिली।
शहीदों का सर्वोच्च बलिदान:
यह हमला भारतीय इतिहास की सबसे गंभीर आतंकी घटनाओं में से एक माना जाता है। इस हमले में कुल 9 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी, जिन्होंने देश की सर्वोच्च संस्था की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। इनमें दिल्ली पुलिस के 5 बहादुर जवान, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक महिला सुरक्षाकर्मी, राज्यसभा सचिवालय के 2 कर्मचारी और संसद भवन का एक माली शामिल थे। राष्ट्र आज भी उनके बलिदान को कृतज्ञता के साथ याद करता है।
आज के संविधान दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि “विकसित भारत” बनाने का संकल्प निश्चित रूप से पूरा होगा।
“‘नकाब को हाथ लगाया तो जिंदगी भर याद रहेगा’—नीतीश कुमार के खिलाफ इल्तिजा मुफ्ती की FIR”
मालवीय नगर अग्निकांड का बड़ा खुलासा: दिल्ली के रेस्टोरेंट में 21 लोगों की जिंदा जलकर मौत
“अरावली पर खतरे की बात बेबुनियाद” — भूपेंद्र यादव बोले, 98% हिस्सा संरक्षित
जयपुर में टीआईई ग्लोबल समिट-2026: CM डॉ. मोहन करेंगे स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स और उद्योग प्रतिनिधियों से सीधा संवाद
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Telegram
Roshni Bisen - Editor dainikkunj.com
ByRoshni Bisen
Follow:
रोशनी बिसेन dainikkunj.com की संपादक हैं, जो निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता के लिए समर्पित हैं।
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow

Join Our WhatsApp Group

Get latest news and updates directly on your phone.

Join Now
Popular News
उज्जैन

8 जनवरी महाकाल आरती: भांग-चंदन से सजे बाबा महाकालेश्वर, घर बैठे करें दिव्य दर्शन

Roshni Bisen
Roshni Bisen
January 8, 2026
नई नवेली बहू की पहली यात्रा बनी खौफनाक, चलती CNG कार में लगी भीषण आग
मशहूर गायिका आशा भोसले नहीं रहीं, कार्डियक अरेस्ट के बाद हुआ निधन
उज्जैन को बड़ी सौगात: ‘हैण्डलूम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ से हथकरघा उद्योग को मिलेगा नया संबल, महिलाओं को मिलेगा सम्मान
अमरकंटक के रहस्यमयी पत्थर: मंदिर के पत्थरों से घर की नींव और सपनों की मंजिल साकार
- Advertisement -
Ad imageAd image
Weather
24°C
Madhya Pradesh
light rain
24° _ 24°
84%
2 km/h
Fri
28 °C
Sat
29 °C
Sun
30 °C
Mon
29 °C
Tue
26 °C

Categories

  • राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ख़बरें
  • मध्यप्रदेश
  • अपराध (जुर्म)
  • जीवन मंत्र
  • कैरियर्स ( जॉब )
  • दैनिक कुंज ई-पेपर
  • अरण्य पत्रिका ई-पेपर

About US

दैनिक कुंज एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो भारत और विशेष रूप से मध्य प्रदेश की राजनीति, समाज, शिक्षा, संस्कृति और जनहित से जुड़ी खबरों को निष्पक्ष एवं सटीक रूप में प्रस्तुत करता है। हमारा उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से जनता की सच्ची आवाज़ को हर घर तक पहुँचाना है।

Join Our WhatsApp Group

Get latest news and updates directly on your phone. Join Now

© 2026 DainikKunj.Com. All rights reserved. Design by SBS India

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?