गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते किसी बड़े नुकसान से पहले ही इस साजिश को नाकाम कर दिया गया। उन्होंने बताया कि धमाके में शामिल पूरी आतंकी टीम को ब्लास्ट से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि इस पूरे नेटवर्क की जांच देश की सभी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों द्वारा बेहद प्रभावी और समन्वित तरीके से की गई। जांच के दौरान साजिश से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे हैं और मामले की गहनता से पड़ताल जारी है।
गृह मंत्री ने दोहराया कि केंद्र सरकार देश की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर सख्ती से काम किया जा रहा है। उन्होंने एजेंसियों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी तत्परता और प्रोफेशनल कार्रवाई से देश सुरक्षित है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते किसी बड़े नुकसान से पहले ही इस साजिश को नाकाम कर दिया गया। उन्होंने बताया कि धमाके में शामिल पूरी आतंकी टीम को ब्लास्ट से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि इस पूरे नेटवर्क की जांच देश की सभी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों द्वारा बेहद प्रभावी और समन्वित तरीके से की गई। जांच के दौरान साजिश से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे हैं और मामले की गहनता से पड़ताल जारी है।
गृह मंत्री ने दोहराया कि केंद्र सरकार देश की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर सख्ती से काम किया जा रहा है। उन्होंने एजेंसियों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी तत्परता और प्रोफेशनल कार्रवाई से देश सुरक्षित है।
अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने पहलगाम आतंकी हमले की पूरी और सफल जांच की है। यह जांच इतनी ठोस और व्यापक है कि आने वाले दिनों में दुनिया की कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इसे स्टडी केस के रूप में देखेंगी।
गृह मंत्री ने दावा किया कि पहलगाम आतंकी हमले की जांच से मिले सबूतों के आधार पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वालों को वैश्विक स्तर पर बेनकाब करना सरकार की प्राथमिकता है।
शाह ने दो टूक कहा कि केंद्र सरकार देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगी और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सतर्कता और समन्वय से देश की आंतरिक सुरक्षा और मजबूत हुई है।
एनआईए के अनुसार, यह मामला जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा उजागर किए गए व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल से जुड़ा हुआ है। जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क ने सुनियोजित तरीके से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची थी।
एजेंसी ने बताया कि 10 नवंबर को मुजम्मिल का दोस्त उमर विस्फोटक से भरी कार चला रहा था और वही इस आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता था। यह धमाका हुंडई i-20 कार में हुआ था, जिसे उमर ड्राइव कर रहा था।
एनआईए के मुताबिक, इस ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत हुई थी। मामले की जांच अभी जारी है और एजेंसी इस आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं और संपर्कों की भी गहनता से पड़ताल कर रही है।



