भोपाल। मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों हलचल तेज है। निगम-मंडल और आयोगों में नियुक्तियों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने राजनीतिक नियुक्तियों की सूची लगभग तैयार कर ली है, जिसमें कई दिग्गज नेताओं और विधायकों को जगह मिल सकती है।
बताया जा रहा है कि जिन नेताओं के नाम पहले मंत्री पद की दौड़ में थे, अब उन्हें निगम-मंडलों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष जैसे अहम पद दिए जा सकते हैं। पार्टी और सरकार स्तर पर कई दौर की बैठकों के बाद सूची को अंतिम रूप दिया गया है और इसे केंद्रीय नेतृत्व की भी मंजूरी मिल चुकी है।
सत्ता और संगठन में होंगी ताबड़तोड़ नियुक्तियां
माना जा रहा है कि अगले तीन से चार महीनों के भीतर प्रदेश में सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर तेजी से नियुक्तियां की जाएंगी। इसके साथ ही बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की नई सूची भी जल्द सामने आ सकती है।
मंत्रिमंडल फेरबदल की भी चर्चा
निगम-मंडल नियुक्तियों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। सूत्रों की मानें तो अगर विस्तार होता है, तो चार से पांच मंत्रियों के चेहरे बदले जा सकते हैं। कुछ पूर्व मंत्रियों की वापसी के साथ नए विधायकों को भी मौका मिल सकता है।
इन नेताओं के नाम चर्चा में
निगम-मंडल नियुक्तियों के लिए जिन प्रमुख नामों पर मंथन हुआ है, उनमें
लालसिंह आर्य, विनोद गोटिया, अरविंद भदौरिया, रामनिवास रावत, उमाशंकर गुप्ता, कमल पटेल, रामपाल सिंह, इमरती देवी, अंचल सोनकर, संजय शुक्ला, अलकेश आर्य और कलसिंह भाबर शामिल बताए जा रहे हैं।
विधायकों को भी मिल सकता है मौका
इसके अलावा कुछ विधायकों और पूर्व विधायकों के नाम भी रेस में हैं, जिनमें अजय बिश्नोई, अर्चना चिटनीस, शैलेंद्र जैन, प्रदीप लारिया, ध्रुव नारायण सिंह, अभिलाष पांडे और आशीष शर्मा शामिल हैं।
केंद्रीय संगठन में भी एमपी की भागीदारी बढ़ने के संकेत
खबर यह भी है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में मध्य प्रदेश के नेताओं को अहम जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को बड़ी भूमिका मिल सकती है। इसके अलावा राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार, अरविंद भदौरिया, लाल सिंह आर्य और गजेंद्र पटेल के नाम भी चर्चा में हैं।
फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इन संभावित नियुक्तियों और फेरबदल को लेकर उत्सुकता चरम पर है।



