जोहान्सबर्ग से संसार को संदेश — मोदी का वैश्विक नेतृत्व चमका
जोहान्सबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) — दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन ने एक बार फिर दिखा दिया है कि नया भारत अब वैश्विक नीतियों को निर्धारित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिखर सम्मेलन के मंच पर कदम रखते हैं, तो विश्व भर के नेता सम्मान में खड़े होकर उन्हें नमन करते हैं — यह दृश्य न सिर्फ सौहार्द और एकता का प्रतीक है, बल्कि भारत की बढ़ती कूटनीतिक महत्ता को दर्शाता है।
मोदी की उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी से यह स्पष्ट हुआ कि भारत अब सिर्फ एक भागीदार देश नहीं रहा, बल्कि एक ऐसे वैश्विक खिलाड़ी के रूप में उभरा है जो सबसे अहम निर्णयों में अपनी आवाज़ बुलंद कर रहा है। उनकी पहलें और प्रस्ताव नीतिगत एजेंडों का हिस्सा बन रही हैं, और कई मुद्दों पर भारत की समझ और विचारधारा विभिन्न देशों के दृष्टिकोणों में इनपुट के रूप में शामिल हो रही हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह G20 सम्मेलन भारत के लिए एक मील का पत्थर है — जहां उसका वैश्विक प्रभाव, आर्थिक शक्ति और नेतृत्व क्षमता बेहतर तरीके से जगजाहिर हुई है। इस शिखर सम्मेलन ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब सिर्फ बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं है, बल्कि एक वैश्विक नीति-निर्माता शक्ति है, जिसकी आवाज़ को दुनिया सुनती है और सम्मान देती है।



